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Lucknow News: बहन की मौत का बदला लेने के लिए एलआईसी एजेंट को मारी थी गोली
Sun, 13 Sep 2026 02:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 13 Sep 2026 02:22 AM IST
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मलिहाबाद। ढेंढेमऊ गांव में जनसेवा केंद्र के बाहर शुक्रवार शाम एलआईसी एजेंट समरेंद्र कुमार (36) को उसके साले सुधीर की पत्नी रूपांशी के नाबालिग भाई और चचेरे भाई अभय ने गोली मारी थी। पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल में यह बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक गोली मारने की वजह रूपांशी की मौत से जुड़ी हुई है। समरेंद्र के भाई नरेंद्र की तहरीर पर पांच नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास और आपराधिक षड्यंत्र की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
काकोरी के सैफलपुर निवासी नरेंद्र ने बताया कि उनके भाई समरेंद्र के साले मलिहाबाद के भूलभुला खेड़ा गांव निवासी सुधीर यादव की शादी वर्ष 2025 में तिलसुवा गांव की रूपांशी से हुई थी। 24 मई को रूपांशी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उसके पिता जोगेंद्र ने सुधीर और उसकी दो बहनों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि जोगेंद्र का परिवार समरेंद्र को भी रूपांशी की मौत के लिए जिम्मेदार मानता था। जेल में बंद सुधीर को छुड़ाने की पैरवी से भी परिवार नाराज था।
नरेंद्र का आरोप है कि इसी रंजिश में रूपांशी के नाबालिग भाई और अभय ने समरेंद्र पर गोली चलाई। उन्होंने नाबालिग भाई, पिता जोगेंद्र, अभय, रिश्तेदार महेंद्र और नरेंद्र और तीन अज्ञात लोगों के घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बाकी आरोपी घटना के समय कुछ दूरी पर मौजूद थे।
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नरेंद्र का यह भी आरोप है कि सुधीर ने लाखों रुपये की जमीन बेची थी। रूपांशी के पिता जोगेंद्र को शक था कि समरेंद्र ने साले से रुपये लेने के लिए बेटी रूपांशी को ठिकाने लगाने में सुधीर की मदद की थी। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
घायल की हालत खतरे से बाहर
गोली समरेंद्र के चेहरे के बाएं हिस्से में लगी थी। उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि अब उनकी हालत खतरे से बाहर है और इलाज चल रहा है।
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काकोरी के सैफलपुर निवासी नरेंद्र ने बताया कि उनके भाई समरेंद्र के साले मलिहाबाद के भूलभुला खेड़ा गांव निवासी सुधीर यादव की शादी वर्ष 2025 में तिलसुवा गांव की रूपांशी से हुई थी। 24 मई को रूपांशी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उसके पिता जोगेंद्र ने सुधीर और उसकी दो बहनों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि जोगेंद्र का परिवार समरेंद्र को भी रूपांशी की मौत के लिए जिम्मेदार मानता था। जेल में बंद सुधीर को छुड़ाने की पैरवी से भी परिवार नाराज था।
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नरेंद्र का आरोप है कि इसी रंजिश में रूपांशी के नाबालिग भाई और अभय ने समरेंद्र पर गोली चलाई। उन्होंने नाबालिग भाई, पिता जोगेंद्र, अभय, रिश्तेदार महेंद्र और नरेंद्र और तीन अज्ञात लोगों के घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बाकी आरोपी घटना के समय कुछ दूरी पर मौजूद थे।
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नरेंद्र का यह भी आरोप है कि सुधीर ने लाखों रुपये की जमीन बेची थी। रूपांशी के पिता जोगेंद्र को शक था कि समरेंद्र ने साले से रुपये लेने के लिए बेटी रूपांशी को ठिकाने लगाने में सुधीर की मदद की थी। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
घायल की हालत खतरे से बाहर
गोली समरेंद्र के चेहरे के बाएं हिस्से में लगी थी। उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि अब उनकी हालत खतरे से बाहर है और इलाज चल रहा है।