लखनऊ के सरकारी अस्पतालों में पड़ा खून का टोटा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी के सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक में खून का टोटा हो गया है। सिविल,बलरामपुर और लोहिया अस्पताल के ब्लड बैंक से रक्त मिलना मुश्किल हो रहा है। अस्पतालों के ब्लड बैंक में सबसे अधिक किल्लत निगेटिव ग्रुप का है जिसका स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया है।
सिविल,बलरामपुर और लोहिया अस्पताल के ब्लड बैंक 24 घंटे ब्लड सप्लाई की सुविधा है लेकिन निगेटिव ग्रुप का ब्लड मिलना मुश्किल हो रहा है। तीनों अस्पतालों से मिली जानकारी के मुताबिक, सबसे अधिक किल्लत ओ-निगेटिव,बी-निगेटिव,एबी-निगेटिव और ए-निगेटिव ग्रुप के साथ एबी पॉजिटिव और ओ पॉजीटिव ग्रुप की है।
अस्पतालों के ब्लड बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक रक्त की किल्लत के बाद सप्लाई को कम करने के लिए मरीजों के तीमारदारों को केजीएमयू जाने की सलाह देकर कन्नी काटी जा रही है। सिविल,लोहिया और बलरामपुर अस्पताल में रक्त का टोटा होने का प्रमुख कारण अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी ब्लड डोनेशन कैंप कराने से कतराना है।
दूसरे अस्पतालों पर भी बढ़ रही है लोड
तीन अस्पतालों के ब्लड बैंक पर राजधानी के लोकबंधु,रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल,डफरिन,झलकारीबाई और सभी आठ बाल महिला चिकित्सालयों के साथ अन्य अस्पतालों का लोड है।
अब अस्पतालों के मदर ब्लड बैंक में रक्त का टोटा होने की वजह से बड़ी परेशानी होने लगी है लेकिन ब्लड बैंक प्रभारी कैंप लगाने को तैयार नहीं है। वहीं दूसरी ओर दोपहर दो बजे के बाद तीनों ब्लड बैंक में डॉक्टरों का मिलना मुश्किल है और ऑनकॉल के भरोसे तीन ब्लड बैंक चलते हैं।
केजीएमयू से मिली जानकारी के मुताबिक,सिविल,बलरामपुर और लोहिया अस्पताल से ब्लड की सप्लाई न होने से केजीएमू में मरीजों को ब्लड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है क्योंकि ट्रॉमा,शताब्दी,कार्डियोलॉजी और क्वीन मेरी का लोड होने के साथ अन्य अस्पतालों का लोड है।