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Lucknow News: लघु फिल्मों ने सिखाईं समझदारी की बातें
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लखनऊ। लविवि में शैक्षिक संचार संघ (सीईसी) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से आयोजित फिल्म महोत्सव के दूसरे दिन लघु फिल्मों ने समझदारी की बातें सिखाईं। विद्यार्थी साहित्यिक और सामाजिक फिल्मों से जुड़े विषयों के साक्षी बने। कई राज्यों से आईं विजेता फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
महोत्सव में मणिपुर की सर्वोत्तम शोध पुरस्कार विजेता फिल्म फ्लक्स सॉइल ने पर्यावरण में कार्बन डाई ऑक्साइड के पुनः संकेंद्रण के बारे में सोचने पर मजबूर किया। दूसरी ओर सर्वोत्तम छायांकन श्रेणी में पुरस्कृत फिल्म यमुना घाट ने दिल्ली में यमुना घाटों के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के बारे में जानकारी दी।
सीईसी के निदेशक प्रो. जगत भूषण नड्डा ने ऑडियो-वीडियो उत्पादन में कंटेंट के प्रभाव पर कहा कि एक क्रिएटर की मंशा एजुकेशनल डॉक्यूमेंट्री के जरिये समाज में संस्कार का बीज बोने की होनी चाहिए। इस दौरान दुर्गा पूजा, मैजिकल मिलेट जैसी फिल्मों की स्क्रीनिंग भी हुई। हर फिल्म के प्रदर्शन के बाद एक पैनल चर्चा हुई, जहां प्रतिभागियों ने फिल्मों के संबंधित निर्देशकों के साथ बातचीत की। सीईसी के संयुक्त निदेशक सॉफ्टवेयर डॉ. सुनील मेहरू समेत कई अन्य उपस्थित रहे।
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समापन समारोह आज
तीन दिवसीय फिल्म महोत्सव का शनिवार को समापन होगा। इसमें देशभर से जाने-माने फिल्म निर्माता और शिक्षक शामिल होंगे। अंतिम दिन छह पुरस्कार विजेता फिल्में विद्यार्थियों को दिखाई जाएंगी। इनके निर्देशक फिल्म समीक्षा के संबंध में दर्शकों को उत्तर देंगे।
महोत्सव में मणिपुर की सर्वोत्तम शोध पुरस्कार विजेता फिल्म फ्लक्स सॉइल ने पर्यावरण में कार्बन डाई ऑक्साइड के पुनः संकेंद्रण के बारे में सोचने पर मजबूर किया। दूसरी ओर सर्वोत्तम छायांकन श्रेणी में पुरस्कृत फिल्म यमुना घाट ने दिल्ली में यमुना घाटों के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के बारे में जानकारी दी।
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सीईसी के निदेशक प्रो. जगत भूषण नड्डा ने ऑडियो-वीडियो उत्पादन में कंटेंट के प्रभाव पर कहा कि एक क्रिएटर की मंशा एजुकेशनल डॉक्यूमेंट्री के जरिये समाज में संस्कार का बीज बोने की होनी चाहिए। इस दौरान दुर्गा पूजा, मैजिकल मिलेट जैसी फिल्मों की स्क्रीनिंग भी हुई। हर फिल्म के प्रदर्शन के बाद एक पैनल चर्चा हुई, जहां प्रतिभागियों ने फिल्मों के संबंधित निर्देशकों के साथ बातचीत की। सीईसी के संयुक्त निदेशक सॉफ्टवेयर डॉ. सुनील मेहरू समेत कई अन्य उपस्थित रहे।
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तीन दिवसीय फिल्म महोत्सव का शनिवार को समापन होगा। इसमें देशभर से जाने-माने फिल्म निर्माता और शिक्षक शामिल होंगे। अंतिम दिन छह पुरस्कार विजेता फिल्में विद्यार्थियों को दिखाई जाएंगी। इनके निर्देशक फिल्म समीक्षा के संबंध में दर्शकों को उत्तर देंगे।