बदायूं मामले पर सपा, बसपा के बीच 'गंदी राजनीति'
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बदायूं रेप एंड मर्डर केस में गंदी राजनीति का दौर शुरू हो गया है, मामले पर जवाब देने के बजाय, सपा के वरिष्ठ मंत्री शिवपाल ने माया शासन के अपराध ही गिना डाले। हालांकि बदायूं की घटना को निंदनीय करार देते हुए उन्होंने न्याय का विश्वास दिलाया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पीड़ित परिवार वालों की मांग मानते हुए घटना की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। इस कांड के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने इस घटना की आड़ में राजनीति करने के लिए भाजपा और बसपा नेताओं की जमकर खिंचाई की।
सपा मुख्यालय में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में शिवपाल यादव ने बदायूं रेप कांड पर सियासी रोटियां सेंकने के लिए विरोधी दलों को आड़े हाथ लिया। बसपा और भाजपा पर उन्होंने खासतौर पर निशाना साधा।
और खोल दिया अपराधों का चिट्ठा
कहा, इन दोनों दलों के शासन में जघन्य आपराधिक घटनाएं हुईं। इनके नेता आपराधिक मामलों में शामिल रहे।
भाजपा शासन में हत्या और बलात्कार की घटनाओं की जांच तक नहीं हुई। बसपा राज में इंजीनियर मनोज गुप्ता की हत्या की गई, कांग्रेस नेत्री रीता बहुगुणा जोशी का घर जलाया गया।
कानपुर में छात्रा की बलात्कार के बाद हत्या हुई, निघासन थाने में युवती से बलात्कार और हत्या हुई। डिप्टी सीएमओ की जेल में हत्या हुई।
उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा कि दूसरे प्रांतों की तुलना में यूपी में आपराधिक घटनाएं कम हैं। उन्होंने कहा, विपक्षी दल बदायूं मामले को तूल देकर शांति व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं।
मायावती ने किया था बदायूं दौरा
गौरतलब है कि बदायूं में रेप और मर्डर की वारदात पर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सपा सरकार को जमकर घेरा था।
उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था के ध्वस्त होने की बात कहकर सरकार के एक साल में गिर जाने की उम्मीद जताई थी।
वहीं बदायूं दौरा कर उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय न मिलने पर धरना देने की धमकी भी दी थी वहीं भाजपा की महिला मोर्चा ने भी आज मामले पर विरोध प्रदर्शन किया।