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अगर न सुधरें इंजीनियर तो भेज दीजिए जेलः शिवपाल

Tue, 08 Sep 2015 08:36 PM IST
Updated Tue, 08 Sep 2015 08:36 PM IST
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shivpal singh angry with bureaucrats and engineer

सपा के वरिष्ठ नेता और राज्य की कैबिनेट में कद्दावर मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने तीखा प्रदेश के नौकरशाहों पर तीखा हमला बोला है। सिंचाई व लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने मंगलवार को वित्त, वन व पर्यावरण विभाग पर निशाना साधा।

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उन्होंने कहा कि वित्त विभाग का एक ही काम है हर चीज में अड़चन डालना। सबसे ज्यादा अड़चन नौकरशाह डालते हैं। पुल बनना है तो उसमें पर्यावरण व वन विभाग अड़चनें डाल देता है। उनके विभाग की बहुत सी योजनाएं 30 से 35 साल पुरानी हैं।
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कितने मुख्यमंत्री आए और चले गए। कई योजनाएं तो एनडी तिवारी के समय शुरू हुईं लेकिन आज तक पूरी नहीं हुईं। शिवपाल ने कहा कि 25 करोड़ रुपये की कनहर परियोजना आज बढ़कर 2800 करोड़ रुपये की हो गई है। वे मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर सिंचाई विभाग के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
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उन्होंने कहा कि सरयू परियोजना के लिए भी केंद्र से जितना धन मिलना चाहिए, नहीं मिला है। बाण सागर प्रोजेक्ट भी काफी समय से अटका हुआ था। वहां का आईएएस अधिकारी भी बहुत बदमाश था।

हमें 800 करोड़ रुपये देने थे, लेकिन हमारे अधिकारियों ने 1600 करोड़ रुपये दे दिए। फिर भी हमें पानी नहीं मिला। हमने भी सोच लिया था कि हम भी एमपी का पानी रोक देंगे। लेकिन बाद में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री के हस्तक्षेप के बाद यूपी को अपने हिस्से का पानी मिला।

शिवपाल ने वन विभाग के अफसरों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र की तहसील बनाने के लिए तीन हेक्टेयर जमीन की जरूरत थी। वन विभाग को हमने अच्छी जमीन दूसरी जगह दे दी। लेकिन विभाग के अधिकारियों ने अभी तक जमीन नहीं दी।

इंजीनियर फील्ड में निकलते नहीं

shivpal singh angry with bureaucrats and engineer

शिवपाल ने कहा कि हमारे इंजीनियर फील्ड में निकलते नहीं हैं। यही वजह है कि उन्हें कुछ पता भी नहीं होता है। बरेली के एक इंजीनियर का जिक्र करते हुए कहा कि एक बार उनसे बरेली की मुख्य नदियों के बारे में पूछा तो वे नहीं बता पाए।

इनकी वहां एक कपड़े की भी दुकान है। वे नौकरी से ज्यादा दुकान पर ध्यान देते हैं। शिवपाल ने अपने भाषण के दौरान ही मैनपुरी की नहर का नाम पूछा तो वहां मौजूद इंजीनियर ने गलत जवाब दिया। इस पर फिर उन्होंने कहा कि यह हाल है अगर फील्ड में जाते होते तब तो सही नाम जानते...।

सिंचाई मंत्री ने प्रमुख सचिव दीपक सिंघल से कहा कि इंजीनियर न सुधरें तो इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर इन्हें जेल भेजिए। ट्यूबवेल के लिए खराब पाइप सप्लाई करवा दिया।

यही वजह है कि 50 साल जो पाइप चलने चाहिए वे पांच साल नहीं चल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इंजीनियर सुधरे होते तो विकास कार्य और तेजी से आगे बढ़ जाता।

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