फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Shivaji built India's first navy.

Lucknow News: शिवाजी ने किया भारत की पहली नौसेना का निर्माण

Sat, 21 Feb 2026 02:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Sat, 21 Feb 2026 02:33 AM IST
विज्ञापन
Shivaji built India's first navy.
लविवि के मालवीय सभागार में बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी का सम्मान करते लविवि के कुलपति प्रो. जेपी
लखनऊ। छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि सुशासन, जनकल्याण, राष्ट्र गौरव और सांस्कृतिक स्वाभिमान के प्रतीक भी थे। रणनीति और जनविश्वास के बल पर ‘हिंदवी स्वराज की स्थापना की। उनकी सेना में सभी धर्मों का सम्मान था। उन्होंने महिला, सुरक्षा, किसानों के कल्याण और स्वदेशी (स्वराज्य) को बढ़ावा दिया। साथ ही मजबूत किलेबंदी और भारत की पहली नौसेना का निर्माण किया। ये बातें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहीं।
विज्ञापन


मौका था छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से मालवीय सभागार में आयोजित कार्यक्रम का। मंत्री ने कहा कि शिवाजी महाराज को आज भी हम न्याय की भावना, वीरता और रणनीतिक सूझबूझ की लिए याद करते हैं। शिवाजी महाराज युवाओं की क्षमता पहचानने में दूरदर्शी थे। उनका मानना था कि स्वराज की प्राप्ति के लिए उनकी ऊर्जा को उद्देश्यपूर्ण ढंग से इस्तेमाल करना जरूरी है।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ नई ऊर्जा और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और इसमें समाज के प्रबुद्ध व समर्पित लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व कुलपति प्रो. एस.वी. निमसे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन भले ही लगभग 50 वर्षों का रहा लेकिन उनके कार्य और आदर्श सदियों तक प्रेरणा देते रहेंगे। समारोह के अध्यक्ष के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज केवल इतिहास के महानायक नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना, स्वाभिमान और जननेतृत्व के जीवंत प्रतीक हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, नैतिकता और राष्ट्र के प्रति दायित्वबोध विकसित करना है। इस मौके पर फिल्म अभिनेता, वैज्ञानिक एवं रंगकर्मी पद्मश्री अनिल रस्तोगी, वरिष्ठ चिकित्सक टीवी विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. राजेंद्र प्रसाद, आयुर्वेद विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. कमल कृष्ण ठकराल व कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पद्मश्री रामसरन वर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed