शिक्षा मित्रों के समायोजन पर बड़ा फैसला!
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राज्य सरकार दूसरे चरण में प्रशिक्षण पाने वाले 92,000 शिक्षा मित्रों के समायोजन के लिए दो विकल्पों पर विचार कर रही है। पहला ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों के सभी पदों के भरने पर अधिक मेरिट वाले को शहरी क्षेत्रों में समायोजित कर दिया जाए।
दूसरा इसके बाद भी अगर शिक्षा मित्र बचते हैं तो उनसे विकल्प लेकर दूसरे जिलों में समायोजित कर दिया जाए। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने इस आधार पर 10 दिन में मांगा है।
वे शुक्रवार को दूसरे चरण के शिक्षा मित्रों को समायोजित करने को लेकर बुलाई गई बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि शिक्षा मित्रों को तीन चरणों में प्रशिक्षण देकर समायोजित किए जाने का कार्यक्रम है। पहले चरण में 58,826 शिक्षा मित्र समायोजित किए जा चुके हैं।
इन 22 जिलों पर है नजर
दूसरे चरण में 64,000 को प्रशिक्षण देकर समायोजित किया जाना था, लेकिन तीसरे चरण वाले भी इसमें शामिल हो गए और यह संख्या 92,000 पहुंच गई।
सचिव ने बताया कि प्रदेश के 22 जिले ऐसे हैं जहां शिक्षकों के कम पद हैं और शिक्षा मित्र अधिक। इसलिए दो विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
पहला यह कि अधिक मेरिट वालों को शहरी क्षेत्र के स्कूलों में समायोजित कर दिया जाए व दूसरा इसके बाद भी यदि बचते हैं तो विकल्प लेकर उन्हें दूसरे जिलों में भेज दिया और जैसे ही उनके मूल तैनाती वाले जिले में पद रिक्त हो उन्हें स्थानांतरित कर दिया जाए।
प्रस्ताव मिलने के बाद समायोजन संबंधी कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा।