फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   shikshamitra gets relief from highcourt

खुशखबरी: शिक्षामित्रों को हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत

Fri, 20 Jun 2014 02:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 20 Jun 2014 02:54 AM IST
विज्ञापन
shikshamitra gets relief from highcourt

प्रदेश के करीब पौने दो लाख शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर समायोजित करने के मामले में शिक्षामित्रों को फिलहाल राहत मिल गई है।

विज्ञापन


हाईकोर्ट ने समायोजन के विरुद्ध दाखिल याचिका पर जवाब दाखिल करने की समय अवधि तीन सप्ताह तक के लिए बढ़ा दी।

कोर्ट ने समायोजन पर रोक लगाने की मांग को स्वीकार नहीं किया मगर यह साफ किया है कि यदि नियुक्तियां की जाती हैं तो याचिका पर हुए अंतिम निर्णय के अधीन होंगी।

शिक्षामित्रों ने भी दाखिल की अर्जी

shikshamitra gets relief from highcourt

याचिका पर सुनवाई के लिए 14 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई है। याचिका में शिक्षामित्रों के समायोजन हेतु जारी सात फरवरी 2014 के आदेश पर रोक लगाने तथा उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा (19 वां संशोधन) नियमावली 2014 और निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (प्रथम संशोधन नियमावली) 2014 पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।

शिक्षामित्रों की ओर से भी इस मामले में अपना पक्ष सुने जाने हेतु शामिल करने की अर्जी दी गई जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। याचिका पर न्यायमूर्ति पी के एस बघेल सुनवाई कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षामित्रों की पात्रता उठे सवाल

shikshamitra gets relief from highcourt

बीटीसी प्रशिक्षु शिवम राजन द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया कि जब एनसीटीई ने प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के लिए न्यूनतम अर्हता (टीईटी) को अनिवार्य कर दिया है तो शिक्षामित्रों को टीईटी की अनिवार्यता में छूट देने का सरकार को अधिकार नहीं है।

प्रदेश सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली में किया गया संशोधन भी गलत है। कहा गया कि शिक्षामित्र अध्यापक की परिभाषा में नहीं आते हैं। इनको मानदेय दिया जाता है।

विज्ञापन

यह मामला भी विराधीन

shikshamitra gets relief from highcourt

इसके अलावा शिक्षामित्रों को बीटीसी का प्रशिक्षण देने का मामला भी अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। एकलपीठ ने पहले प्रशिक्षण पर रोक लगा दी थी।

इसके खिलाफ विशेष अपीलें दाखिल हुई जिसमें रोक को हटा लिया गया मगर कहा गया कि प्रशिक्षण का मामला एकल न्यायपीठ द्वारा याचिका के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।

इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने सात फरवरी 2013 को शासनादेश जारी कर शिक्षामित्रों के समायोजन का निर्देश जारी कर दिया।

कोर्ट ने प्रदेश सरकार के स्थायी अधिवक्ता रमेश उपाध्याय, एनसीटीई केवकील रिजवान अख्तर और शिक्षामित्रों के वकील आरके उपाध्याय, अभिषेक श्रीवास्तव को तीन सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed