कर्ज चुकाने की चिंता ने ले ली शिक्षामित्र की जान
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कर्ज चुकाने की चिंता में एक शिक्षामित्र की जान चली गई। रविवार रात शिक्षामित्र रामपाल को पत्नी से बात करने के दौरान दिल का दौरा पड़ा और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। वह अपने पीछे पत्नी और आठ बच्चों का परिवार छोड़ गया।
मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र में ग्राम रिछली मजरे एंडौरा निवासी रामपाल (40) पुत्र बृजलाल गौतम को गत वर्ष सहायक अध्यापक पद पर समायोजन के बाद हैदरगढ़ क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जमीन हुसैनाबाद में तैनाती मिली थी।
गत 12 सितंबर को हाईकोर्ट के फैसले के बाद समायोजित हुए शिक्षामित्रों के वेतन पर रोक लग गई। उसने एक बेटी की शादी पिछले साल कर्ज लेकर की थी। रविवार रात करीब आठ बजे वह पत्नी शकुंतला से कर्ज चुकाने के बारे में बात कर रहा था तभी उसके सीने में दर्द उठा।
बेटी की शादी को ली थी उधारी
आननफानन में परिवारीजन उसे सीएचसी सूरतगंज ले जा रहे थे लेकिन रामपाल की मौत हो गई। शिक्षामित्र की मौत से घर में कोहराम मचा है। रामपाल पर पत्नी व आठ बच्चों की जिम्मेदारी थी। रामपाल की छह पुत्रियां व दो पुत्र हैं।
उनमें सबसे बड़ी शालिनी की शादी के लिए पिछले वर्ष 25 हजार रुपये उधार लिए थे जिन्हें चुकाने की भी चिंता रामपाल को थी।
डीएम योगेश्वर राम मिश्र के मुताबिक शिक्षामित्र की मौत का मामला संज्ञान में आया है। जांच के लिए बीएसए को कहा गया है।