90 प्रतिशत शिया मुसलमान चाहते हैं अयोध्या में बने राम मंदिर : बुक्कल नवाब
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90 प्रतिशत शिया मुसलमान चाहता है कि अयोध्या में राममंदिर का निर्माण हो। राममंदिर अयोध्या में नहीं तो क्या पाकिस्तान में बनेगा। वसीम रिजवी की तरह मैं भी चाहता हूं कि अयोध्या में राममंदिर बने। कुछ मौलाना चाहते हैं कि अयोध्या का मामला आगे खींचे। कुछ लोग हिंदू-मुस्लिम के बीच नफरत फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। मैंने राममंदिर निर्माण के लिए 10 लाख देने का एलान किया था, उस पर अब भी कायम हूँ। यह बातें भाजपा के एमएलसी बुक्कल नवाब ने कही।
वे बुधवार को यहां रामजन्भूमि न्यास कार्यशाला में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इसके पहले बुक्कल नवाब ने रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष व मणिरामदास छावनी के महंत नृत्यगोपाल से भेंटकर उन्हें जन्मदिवस की बधाई देते हुए उनके दीर्घायु होने की कामना की और आशीर्वाद लिया।
रामजन्भूमि न्यास कार्यशाला जाकर विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय से भी मुलाकात की। पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि भारत के शिया मुसलमान मंदिर के समर्थन में हैं। राममंदिर का मामला न्यायालय में चल रहा है, हम न्यायालय का सम्मान करते हैं। परंतु अब देर नहीं होनी चाहिए। तत्काल राममंदिर का निर्माण होना चाहिए।
भाजपा ने हमारे लिए बहुत कुछ किया
बुक्कल नवाब ने कहा कि बसपा शासन में शिया धर्मगुरुओं को जेल में डाला गया। मेरे ऊपर भी एनएसए लगाया गया। सपा शासन में आजम खान के कहने पर शिया धर्म गुरुओं पर लाठीचार्ज तक किया गया। कांग्रेस के नेता अहमद पटेल दिल्ली में स्थित कब्रिस्तान शाह-ए-मर्दा की जमीनों को बेच रहे हैं। हमने प्रदर्शन किया तो लाठी खाई। जबकि भाजपा ने हमारे लिए बहुत कुछ किया है। अटल बिहारी बाजपेयी ने वर्षों से बंद जुलूस को 1999 में खुलवाने का काम किया। मोदी ने कैबिनेट में मुख्तार अब्बास नकवी तो योगी ने मोहसिन रजा को मंत्री बनाकर शिया समुदाय को मान दिया है।