रविवार को शताब्दी एक्सप्रेस लेट होने की गजब वजह, पढ़ें खबर...
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ट्रेनों की लेटलतीफी कोई नई बात नहीं है लेकिन रविवार को शताब्दी एक्सप्रेस के लेट होने की जो वजह सामने आई वह सभी के लिए चौंकाने वाली थी।
जंक्शन स्टेशन पर शताब्दी एक्सप्रेस सिर्फ इसलिए देरी से रवाना हुई क्योंकि ट्रेन का गार्ड अपनी टूटी कुर्सी बनवाने पर अड़ गया। उसने यहां तक कह दिया कि जब तक कुर्सी नहीं बनेगी वह ट्रेन को हरी झंडी नहीं दिखाएगा।
उधर, स्टेशन प्रशासन कुर्सी ठीक करवाने में हीलाहवाली करता रहा। हालांकि कुर्सी की मरम्मत की गई लेकिन इसके चलते ट्रेन 10 मिनट की देरी से रवाना हुई।
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली जाने वाली लग्जरी ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस (12003) रविवार को प्लेटफॉर्म नंबर छह पर खड़ी थी। ट्रेन के रवाना होने का समय दोपहर बाद 3.35 बजे है पर, रविवार को ट्रेन को 3.45 बजे हरी झंडी दिखाई गई।
गार्ड गुरदीप सिंह ने बताया कि गार्ड बोगी की कुर्सी टूटी हुई थी, जिस पर बैठकर काम करना मुश्किल था। कुर्सी की मरम्मत के लिए स्टेशन प्रशासन को रवानगी से करीब आधे घंटे पहले जानकारी दे दी थी।
बावजूद इसके अधिकारियों ने कुर्सी ठीक नहीं करवाई। जब ट्रेन के रवाना होने का समय हुआ तो फिटिंग का काम शुरू हुआ, जिससे गाड़ी को दस मिनट की देरी से रवाना किया गया।
वहीं रेलवे स्टेशन के डिप्टी एसएस ऑपरेटिंग आरसी त्यागी ने बताया कि गार्ड ने ट्रेन की रवानगी के सात मिनट पहले ही जानकारी दी थी। इतने कम समय में कुर्सी बदलवाना संभव नहीं था।
गार्ड जिद पर अड़ गया और ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से इन्कार कर दिया। गार्ड और स्टेशन प्रशासन के आपसी सामंजस्य की कमी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा।
ट्रेन से सफर करने वाले प्रदीप सिंह ने कहा कि ट्रेन दस मिनट देरी से रवाना की गई हो। पर, इससे पूरा शेड्यूल गड़बड़ा जाता है। वहीं बेटी को स्टेशन छोड़ने आए अब्दुल्ला ने बताया कि रेलकर्मियों के आपसी तालमेल में कमी से आए दिन यात्रियों को मुसीबतें उठानी पड़ती हैं।
वहीं एक पूर्व रेलवे अधिकारी ने बताया कि तालमेल की कमी का यह पहला मामला नहीं है। हाल ही में लखनऊ जंक्शन पर 19040 अवध एक्सप्रेस में महिला बोगी में बैठे यात्रियों को दूसरी बोगी में शिफ्ट कराने की जिद में गार्ड ने ट्रेन को 40 मिनट रोके रखा था, लिखित शिकायत के बाद गार्ड ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी।