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ये 'ट्रेलर' बताएगा, लोकसभा में किसकी होगी जीत
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 20 Mar 2014 09:37 AM IST
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लोकसभा चुनाव से ठीक पहले स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का मतदान किसी फिल्म की ट्रेलर की तरह होगा।
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माना जा रहा है कि इसके नतीजे लोकसभा चुनाव में मतदाताओं के रुख का संकेत होंगे।
इसलिए खास तौर पर सत्तारूढ़ सपा और भाजपा ने इस चुनाव के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
शिक्षक सीटों को छोड़ दिया जाए तो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांचों सीटों पर भाजपा और सपा पूरी ताकत लगाए हुए हैं।
इन पांच सीटों में दो पर भाजपा का कब्जा है। एक सीट निर्दलीय, एक कांग्रेस और एक शिक्षक दल के कब्जे में है। भाजपा के सामने इन सीटों को बचाने की जहां चुनौती है वहीं सपा खाता खोलने की कोशिश में है।
बसपा ने भी पहली बार दो सीटों पर उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
प्रदेश में विधान परिषद के लिए स्नातक की पांच और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह सीट के लिए 23 मार्च को मतदान होना है। शिक्षक निर्वाचन में असली लड़ाई शिक्षक संघों की होती है।
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शिक्षक निर्वाचन की छह सीटों में पांच पर शर्मा गुट और एक पर चंदेल गुट का कब्जा है। शर्मा और चंदेल गुट के साथ अन्य शिक्षक संगठनों व कुछ राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इस चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती शर्मा गुट के सामने है।
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इस गुट ने मेरठ, आगरा, बरेली-मुरादाबाद, गोरखपुर-फैजाबाद में जहां मौजूदा विधान परिषद सदस्यों को मैदान में उतारा है। वहीं लखनऊ में नए उम्मीदवार सुरेश तिवारी पर दांव लगाया है।
इस गुट के मुखिया ओम प्रकाश शर्मा मेरठ से 8वीं बार मैदान में हैं तो आगरा से जगवीर किशोर जैन चौथी बार, बरेली से सुभाष चंद्र शर्मा तीसरी बार और गोरखपुर से ध्रुव कुमार त्रिपाठी दूसरी बार ताल ठोंक रहे हैं।
शर्मा गुट से ही बगावत करके अलग हुआ चंदेल गुट चुनाव में कड़ी टक्कर दे रहा है। स्नातक निर्वाचन का सीन बिलकुल अलग है। यह चुनाव पूरी तरह राजनीतिक पार्टियां लड़ रही हैं।
स्नातक निर्वाचन की पांच सीटों में इलाहाबाद-झांसी पर भाजपा के डॉ. यज्ञदत्त शर्मा व वाराणसी में केदार नाथ सिंह का कब्जा है।
आगरा में कांग्रेस के विवेक बंसल, मेरठ में शिक्षक गुट के हेम सिंह पुंडीर और लखनऊ में निर्दलीय उम्मीदवार एसपी सिंह का कब्जा है। एसपी सिंह हत्या के आरोप में मौजूदा समय जेल में हैं।
इसलिए उन्होंने अपनी पत्नी कांति सिंह को मैदान में उतारा है। सपा ने ज्योत्सना श्रीवास्तव, बसपा ने अचल मेहरोत्रा और भाजपा ने सुधीर हलवासिया पर दांव लगाया है।
इस सीट से पूर्व माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन भी जोर आजमाइश कर रहे हैं। लखनऊ की लड़ाई सबसे रोचक होगी।
सपा के लिए इस सीट पर कब्जा करने का मौका होगा। पर यह तो मतों की गिनती के बाद ही साफ होगा कि मतदाताओं का क्या रुख रहा।
कहां कितने उम्मीदवार
स्नातक सीट: लखनऊ में 30, वाराणसी 31, इलाहाबाद-झांसी 30, आगरा 15 व मेरठ में 23 उम्मीदवार मैदान में हैं।
शिक्षक सीट: बरेली-मुरादाबाद में 11, लखनऊ 13, गोरखपुर-फैजाबाद 10, वाराणसी 8, मेरठ 7 और आगरा में 8 उम्मीदवार मैदान में हैं।