{"_id":"66591319f41886838604bc04","slug":"shakuntala-mishra-punarvas-university-new-course-lucknow-news-c-13-lko1012-739373-2024-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: पुनर्वास विवि में होगी सेंटर फॉर डाटा साइंस व कंप्यूटिंग की स्थापना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: पुनर्वास विवि में होगी सेंटर फॉर डाटा साइंस व कंप्यूटिंग की स्थापना
Fri, 31 May 2024 05:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 31 May 2024 05:30 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। पुनर्वास विश्वविद्यालय के गणित एवं सांख्यिकी विभाग में सेंटर फॉर डाटा साइंस और कंप्यूटिंग की स्थापना होगी। सांख्यिकी एवं डाटा साइंस में सामूहिक रूप से शोध को बढ़ावा मिलेगा। बृहस्पतिवार को विभागीय बैठक में कुलपति प्रो. संजय सिंह ने इसके लिए अनुमति प्रदान की। इस दौरान कुलसचिव रोहित सिंह, प्रो. सीके दीक्षित व अन्य लोग मौजूद रहे।
विभाग के समन्वयक डॉ. प्रवीण मिश्रा ने बताया कि सांख्यिकी विषय में अन्य विषयों के कॉबिनेशन के साथ स्नातक कोर्स को प्रारंभ किया जाएगा। अन्य विभागों के साथ मिलकर डाटा साइंस में स्नातक एवं परास्नातक कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। स्किल डवलपमेंट कोर्स के तहत छात्र सॉफ्टवेयर का अध्ययन भी करेंगे। डॉ. प्रवीण ने बताया कि परास्नातक छात्र अपने प्रोजेक्ट को शोध पत्र के रूप में पब्लिश करेंगे। विभाग के थ्रस्ट एरिया ऑफ रिसर्च के तहत सैंपल सर्वे, सैंपलिंग टेक्निक्स डाटा साइंस, डाटा एनालिटिक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग व स्टैटिसटिकल क्वालिटी कंट्रोल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दिव्यांगता से संबंधित शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विभाग के समन्वयक डॉ. प्रवीण मिश्रा ने बताया कि सांख्यिकी विषय में अन्य विषयों के कॉबिनेशन के साथ स्नातक कोर्स को प्रारंभ किया जाएगा। अन्य विभागों के साथ मिलकर डाटा साइंस में स्नातक एवं परास्नातक कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। स्किल डवलपमेंट कोर्स के तहत छात्र सॉफ्टवेयर का अध्ययन भी करेंगे। डॉ. प्रवीण ने बताया कि परास्नातक छात्र अपने प्रोजेक्ट को शोध पत्र के रूप में पब्लिश करेंगे। विभाग के थ्रस्ट एरिया ऑफ रिसर्च के तहत सैंपल सर्वे, सैंपलिंग टेक्निक्स डाटा साइंस, डाटा एनालिटिक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग व स्टैटिसटिकल क्वालिटी कंट्रोल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दिव्यांगता से संबंधित शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।
विज्ञापन