हादसों की वजह से बदला जाएगा लखनऊ की एक सड़क का नाम
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शहीद पथ का नाम बदलकर कलाम पथ किया जाएगा। नगर निगम सदन ने शनिवार को इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस पर सवाल उठाए हैं। एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि नगर निगम के पास इसका अधिकार ही नहीं है।
शनिवार को सदन की बैठक के अंत में मेयर डॉ. दिनेश शर्मा ने खुद ही अमर शहीद पथ का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री खुद भी इसके लिए निर्देश दे चुके हैं। उन्होंने शहीद पथ का नया नाम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखने की बात कही।
सभी पार्षदों ने इस पर सहमति दी। मेयर ने कहा कि शहीद पथ का नया नाम अब ‘डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम पथ’ होगा।
इस वजह से बदला जा रहा है शहीद पथ का नाम
कानपुर रोड से फैजाबाद रोड को जोड़ने वाले 19 किमी लंबे मार्ग का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था। इसे शहीदों को श्रद्धांजलि बताते हुए उन्होंने इसे ‘अमर शहीद पथ’ कहा। एनएचएआई ने भी इस मार्ग को अमर शहीद पथ के नाम से ही बनाया।
आए दिन होने वाले हादसों के चलते इस नाम पर भी सवाल उठने लगे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहीद को ‘डराने वाला नाम’ कहते इसे बदलने की जरूरत मानी थी। एक व्यावसायिक संस्था के कार्यक्रम में आए सुझाव को पूरा करने का वादा भी उन्होंने किया था।
अमर शहीद पथ नगर निगम की नहीं एनएचएआई की संपत्ति है। इसका नाम बदलने का अधिकार भी केवल एनएचएआई को है। नगर निगम इसका फैसला नहीं कर सकता। नगर निगम एनएचएआई को एक प्रस्ताव भेजे। इसमें सदन की भावना का भी जिक्र वह करें। प्राधिकरण ही अंतिम फैसला नाम बदलने को लेकर करेगा।
पी शिवशंकर, परियोजना निदेशक, एनएचएआई