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Lucknow News: क्रिटिकल केयर के बढ़ेंगे बेड, चतुर्थिक केंद्र के रूप में विकसित होगा पीजीआई

Sun, 14 Dec 2025 06:23 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Dec 2025 06:23 PM IST
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संजय गांधी पीजीआई का स्थापना दिवस समारोह
संजय गांधी पीजीआई में क्रिटिकल केयर और इमरजेंसी वाले मरीजों के लिए बेड की क्षमता दोगुनी की जाएगी। इसके साथ ही इसे चिकित्सा के सर्वश्रेष्ठ चरण चतुर्थिक (क्वार्नरी केयर) केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। संस्थान के 42वें स्थापना दिवस समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने यह जानकारी दी।
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उपमुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान बताया कि संस्थान में क्रिटिकल केयर मेडिसिन (सीसीएम) विभाग में बेड की संख्या 40 से बढ़ाकर 100 और इमरजेंसी विभाग में बेड की संख्या दोगुनी करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही बढ़े बेड पर मरीजों की भर्ती होगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सीय चरण के हिसाब से तीन तरह के केंद्र होते हैं। प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक (टर्शियरी) और चतुर्थिक यानी क्वार्नरी केयर। अभी तकपीजीआई तीसरे स्तर का संस्थान है। अब इसे सर्वश्रेष्ठ चरण का संस्थान बनाया जाएगा। इसके बाद पीजीआई में मल्टी ऑर्गन फेल्योर (एक से अधिक अंगों के फेल होने) के इलाज के लिए एक अत्याधुनिक क्वार्नरी केयर सेंटर तैयार किया जाएगा। इस पर सहमति बन चुकी है और बजट की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने काह कि पीजीआई को प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों से स्पोक-हब मॉडल के जरिए जोड़ा जाएगा। इससे मेडिकल कॉलेजों में भर्ती मरीजों को वहीं पर विशेषज्ञ इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इस योजना के तहत अब तक प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों को जोड़ा जा चुका है।
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मरीजों को दी जाए इलाज की जानकारी, बढ़ाया जाए डॉक्टरों का वेतन
राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि सरकारी संस्थानों में अच्छे इलाज के बावजूद अभी भी एक बड़ी समस्या तीमारदारों और मरीजों को इलाज संबंधी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलना है। ऐसा करने से संतुष्टि का स्तर बढ़ता है। इसके साथ ही डॉक्टरों का पलायन रोकने के लिए उनके वेतन और सुविधाएं दोनों में बढ़ोत्तरी होनी चाहिए। सरकार इस दिशा में काम कर रही है। जल्द ही इसके परिणाम सामने होंगे।
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समाज की जरूरत के हिसाब से हो मेडिकल शिक्षा में बदलाव
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के चेयरमैन डॉ. अभिजात चंद्रकांत सेठ ने कहा कि मेडिकलशिक्षा को परंपरागत तरीकों के बजाय समाज की जरूरत के हिसाब से बदला जाना चाहिए। ऐसा करने से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिलेगा। आयोग इसको ध्यान में रखते हुए सिलेबस में बदलाव किए जा रहे हैं। पढ़ाई में क्लीनिकल प्रैक्टिस (व्यावहारिक प्रशिक्षण) अ और इनोवेटिव मेडिकल एजुकेशन सिस्टम (नवाचार आधारित चिकित्सा शिक्षा प्रणाली) लागू की गई है। मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।


अगले साल से शुरू हो जाएगा एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर
संस्थान के निदेशक प्रो. आरके. धीमन ने बताया कि पीजीआई का एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर (उन्नत बाल चिकित्सा केंद्र) अगले साल अक्तूबर में शुरू करने का लक्ष्य है। इसमें 24 विभाग में कुल 575 बेड होंगे। पहले चरण में 14 विभागों के 310 बेड शुरू किए जाएंगे। स्थापना दिवस समारोह में वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए निदेशक ने बताया कि इस समय संस्थान में 43 विभाग हैं। नया ओपीडी भवन बनाया जा रहा है।

इनका हुआ सम्मान
मेडिकल जेनेटिक्स विभाग - डॉ. आदर्श- सर्वश्रेष्ठ सीनियर रेजिडेंट डीएम
पीडियाट्रिक सर्जिकल सुपर स्पेशियलिटीज विभाग- डॉ. निशांत अग्रवाल- सर्वश्रेष्ठ सीनियर रेजिडेंट (एमसीएच))
माइक्रोबायोलॉजी विभाग - डॉ. सुरभि- सर्वश्रेष्ठ जूनियर रेजिडेंट (एमडी)
सीसीएम- सिनिमोल नेल्सन- सर्वश्रेष्ठ नर्सिंग स्टाफ
हिमेटोलॉजी विभाग - देवेंद्र पी. नागर- सर्वश्रेष्ठ नर्सिंग स्टाफ
हिमेटोलॉजी विभाग - रामदेव- सर्वश्रेष्ठ टेक्नीशियन
एनेस्थीसियोलॉजी विभाग - पवन कुमार- सर्वश्रेष्ठ टेक्नीशियन

शोध के लिए सम्मानित
फैकल्टी कैटेगरी( मेडिसिन) –
न्यूरोलॉजी विभाग – प्रो. विमल कुमार पॉलीवाल
क्लीनिक इम्यूनोलॉजी व रूमेटोलॉजी विभाग – डॉ. दुर्गा प्रसन्ना मिश्रा
गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग – डॉ. अंशुमान एल्हेंस
मेडिकल जेनेटिक्स विभाग – डॉ. ए. हसीना

फैकल्टी कैटेगरी (सर्जिकल) –
पीडियाट्रिक सर्जिकल सुपरस्पेशियलिटी विभाग – प्रो. अंकुर मंडेलिया
न्यूरोसर्जरी विभाग – डॉ. कुंतल कांति दास
यूरोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांटेशन विभाग – डॉ. संचित रुस्तगी
न्यूरोसर्जरी विभाग – डॉ. आशुतोष कुमार

फैकल्टी कैटेगरी (पैरा- बेसिक)
माइक्रोबायोलॉजी विभाग – प्रो. चिन्मय साहू
ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग – प्रो. धीरज खेतान
मॉलेक्यूलर मेडिसिन विभाग – डॉ. आलोक कुमार
माइक्रोबायोलॉजी विभाग – डॉ. निधि तेजन

फैकल्टी कैटेगरी (क्लीनिकल)
न्यूरोसर्जरी विभाग – प्रो. अवधेश कुमार जायसवाल
न्यूरोसर्जरी विभाग – डॉ. पवन कुमार वर्मा
नियोनेटोलॉजी विभाग – डॉ. आकांक्षा
न्यूरोसर्जरी विभाग – डॉ. सौमेन कंजीलाल

छात्र वर्ग – प्रकाशित शोध
क्लीनिकल इम्यूनोलॉजी व रूमेटोलॉजी – डॉ. कोम्माराजू साईं यसस्विनी
न्यूरोलॉजी विभाग – संदीप कुमार गुप्ता
मेडिकल जेनेटिक्स विभाग – डॉ. आदर्श

छात्र वर्ग – सर्जिकल
एंडोक्राइन सर्जरी विभाग – डॉ. संप्रति दरिया
पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग – डॉ. तरुण कुमार
पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग – डॉ. निशांत अग्रवाल

छात्र वर्ग – प्री/पैरा/बेसिक
यूरोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांटेशन – नेहा शुक्ला
मॉलेक्यूलर मेडिसिन एवं बायोटेक्नोलॉजी – अंजलि सिंह
पैथोलॉजी विभाग – शुभी कामथान

छात्र वर्ग – क्लीनिकल
पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी – डॉ. मनजीत कौर
नियोनेटोलॉजी विभाग – डॉ. आर.के. श्वेताभ
न्यूरोलॉजी विभाग – डॉ. संयम महाजन

छात्र वर्ग – अप्रकाशित शोध
मेडिकल
नियोनेटोलॉजी विभाग – डॉ. आरोही गुप्ता
क्रिटिकल केयर मेडिसिन – डॉ. मोहम्मद फहाद अली
क्लीनिकल इम्यूनोलॉजी व रूमेटोलॉजी – डॉ. मणिकंदन सी

सर्जिकल
प्लास्टिक सर्जरी विभाग – डॉ. आइना अग्रवाल
एंडोक्राइन सर्जरी विभाग – डॉ. आकृति यादव
प्लास्टिक सर्जरी विभाग – डॉ. सुरभि धर

प्री/पैरा/बेसिक
क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी व रूमेटोलॉजी – कृतिका सिंह
एंडोक्राइनोलॉजी विभाग – अभिषेक यादव
हिमेटोलॉजी विभाग – डॉ. खालिकुर रहमान
मॉलेक्यूलर मेडिसिन एवं बायोटेक्नोलॉजी – डॉ. त्रिदिव कटियार
क्लीनिकल
यूरोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांटेशन – डॉ. निकिता भारती
हीमेटोलॉजी विभाग – डॉ. प्रिशा ननकाना
ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग – डॉ. श्रीलक्ष्मी सारंगी



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