अधनंगे होकर PGI के ड्राइवरों ने किया प्रदर्शन, रखी मांगें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संजय गांधी पीजीआई के वाहन चालकों ने एम्स के बराबर वेतन की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग के सामने प्रदर्शन किया। एम्स के बराबर वेतन की मांग को लेकर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को ज्ञापन दिया।
उनका कहना था कि पीजीआई में चतुर्थ श्रेणी से लेकर सभी कैडर को एम्स के बराबर वेतन दिया जा रहा है लेकिन वाहन चालकों के साथ अन्याय हो रहा है। जब उनकी मांग पूरी नहीं होगी अर्द्धनग्न होकर ही ड्यूटी की जाएगी।
वाहन चालकों के प्रतिनिधि बीआर दुबे ने बताया कि चार हजार से अधिक कैडर वाले पीजीआई में 28 वाहन चालकों के लिए अधिकारियों ने अलग नियम बना रखे हैं। बीते 15 वर्षों से वेतन बढ़ाने की मांग की जा रही है लेकिन लगातार मांगों की अनदेखी की गई। इसीलिए अब उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है।
बृहस्पतिवार को हजरतगंज जनपद स्थित चिकित्सा शिक्षा विभाग के सामने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आरपी सिंह को अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा।
तीन अधिकारियों की मंशा पर उठाए सवाल
उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव ने इस मामले में संजय गांधी पीजीआई प्रशासन से वार्ता करने का आश्वासन दिया है। उधर पीजीआई के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ ने वाहन चालकों के आंदोलन को समर्थन का पत्र भेजा है।
पीजीआई वाहन चालकों ने तीन अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्हें कैडर का विरोधी बताया है। वाहन चालक कैडर में 47 लोग थे। इनमें से अब 28 ही बचे हैं। न तो नए वाहन चालकों की भर्ती की जा रही है और न ही मांगों पर ध्यान दिया जा रहा है जबकि कार्य बढ़ता जा रहा है।
अधिकारी अपने चहेतों को संविदा पर रखकर काम ले रहे हैं। वाहन चालकों ने बताया कि संस्थान के सभी कैडर को एम्स के बराबर वेतन देने का फैसला स्थानीय स्तर पर हुआ है।
लेकिन ड्राइवरों का प्रस्ताव शासन को भेजने की बात कही जा रही है। इसीलिए प्रमुख सचिव को सीधे ज्ञापन देकर वाहन चालकों ने स्वयं ही उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की है।