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डॉक्टरों का कमालः बिना चीरा लगाए खोल दी दिल की धमनी

Tue, 22 Dec 2015 09:59 AM IST
Updated Tue, 22 Dec 2015 09:59 AM IST
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sgpgi doctor do unique heart surgery

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पूरी तरह बंद हो चुकी दिल की धमनी को बिना ओपन हार्ट सर्जरी खोलने में एसजीपीजीआई लखनऊ के कार्डियोलॉजी विभाग ने सफलता हासिल की है। इसके लिए चिकित्सकों की टीम ने एंटग्रेड डिसेक्शन एंड री-एंट्री तकनीक और स्टिंगरे डिवाइस का उपयोग किया। एसजीपीजीआई का दावा है कि देश में इस तरह का यह पहला सफल प्रयास है।

विभागाध्यक्ष प्रो. गोयल के मुताबिक सख्त कैल्सिफाइड तत्वों के जमा होने की वजह से मरीज की धमनी 100 फीसदी बंद हो चुकी थी। धमनी को खोलने के लिए एंटग्रेड डिसेक्शन एंड री-एंट्री और स्टिंगरे डिवाइस का इस्तेमाल करने का फैसला किया गया।

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एंजियोप्लास्टी की तरह ही इसमें भी कैथेटर और फ्लैट स्टिंगरे (एक प्रकार की शार्क मछली) आकार का गुब्बारा ब्लॉक हो चुकी धमनी में पहुंचाया गया। इसके लिए कांख में सुई बराबर छेद बनाया गया।
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कैल्सिफिकेशन हटाने के लिए धमनी की दीवार से स्टिंगरे मछली के डंक जैसे नुकीले सख्त वायर को आगे बढ़ाया गया। इसे आगे बढ़ने में स्टिंगरे गुब्बारे ने मदद की। इसे प्रभावित धमनी तक पहुंचाया। इसे धमनी को 100 प्रतिशत बंद कर चुके तत्वों को तोड़कर रक्त के प्रवाह को फिर से शुरू कर दिया।

अभी तक इस तरह होता था दिल का ऑपरेशन

sgpgi doctor do unique heart surgery

विभाग द्वारा यह तकनीक 9 दिसंबर को मरीज पर उपयोग की गई। प्रो. पीके गोयल ने बताया कि 100 फीसदी बंद हो चुकी धमनी को एंजियोप्लास्टी से खोलना संभव नहीं होता है। इसके लिए ओपन हार्ट सर्जरी ही एकमात्र विकल्प रह जाता है। इस सर्जरी में एनेस्थीसिया देकर सीना खोला जाता है। लेकिन सर्जरी में जितना वक्त बढ़ता जाता है उतना ही मौत का खतरा बढ़ता जाता है। यही वजह है कि दुनिया भर में इस विकल्प को कम चुना जाने लगा है।
फायदा : रिस्क कम

प्रो. गोयल के अनुसार एंटग्रेड डिसेक्शन एंड री-एंट्री प्रक्रिया 100 प्रतिशत बंद धमनियों को बिना ओपन हार्ट सर्जरी खोलने में बेहद उपयोगी साबित हो रही है। विशेषज्ञों के बीच इसका उपयोग बढ़ाया जाना चाहिए। मरीज के सीने को खोलने, उसे एनेस्थीसिया देने, लंबे समय की सर्जरी और सर्जरी से पैदा होने वाले खतरों से बचाती है।
खर्च : ओपन हार्ट जितना ही
एसजीपीजीआई में ओपन हार्ट सर्जरी में करीब 1.5 लाख रुपये का खर्च आता है। एंटग्रेड डिसेक्शन एंड री-एंट्री प्रक्रिया में भी इतना ही खर्च आता है। इसमें करीब डेढ़ घंटे लगते हैं।

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