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Lucknow News: सरयू की बाढ़ से घिरे सात गांव, बर्बाद हो रही फसल
Mon, 04 Aug 2025 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 04 Aug 2025 12:27 AM IST
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पुल को छूने को बेताब दिख रही नदी।
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू नदी का जलस्तर रविवार को चौथे दिन भी 118.10 मीटर पर स्थिर रहा। भारी बारिश से पानी फिर नदी से बाहर निकल कर आबादी की ओर बढ़ रहा है। खेतों में लगी फसलें चार दिन से बाढ़ के पानी डूबी हैं। इससे इनके खराब होने की चिंता किसानों को सता रही है।
तटवर्ती सात गांवों के रास्ते जलमग्न हैं। इन पर नाव चलाई जा रही हैं। संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है। दो दिन से लगातार बारिश से गांजर वासी हालात बेकाबू होने की आशंका से घबराए हुए हैं।
वहीं, तीनों बैराजों से रविवार को 3.04 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सरयू से बाहर निकलकर पानी धीरे-धीरे अखरी, अटौरा, अंगरौरा, सुंदरपुरवा, बक्सीपुरवा, शुकुलपुरवा, कनरखी, केवड़ा, बाबाकुटी, लोधन पुरवा, नागेश्वर पुरवा, निरंजपुरवा की ओर बढ़ रहा है। सात से ज्यादा गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। वहीं, 15 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। कलुवापुर व बाबाकुटी के पास खेतों में चार दिनों से पानी भरा हुआ है। सूबेदार, गुड्डू, रमेश व देशराज ने बताया कि जलभराव से फसलें खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
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ग्रामीणों ने बताया कि गत वर्ष बाढ़ में प्यारे पुरवा के पास रास्ता कट गया था। इसकी मरम्मत न होने से इसी रास्ते से करीब दो से तीन फीट गहराई में पानी बाहर निकल रहा है। राजेश ने बताया कि देशराज पुरवा व प्यारेपुरवा के बच्चों स्कूल जाने और ग्रामीणों को आवागमन के लिए करीब एक किलोमीटर का चक्कर काटकर बंधे से होकर आना-जाना पड़ रहा है।
अमन, दुर्गेश व सूरज ने बताया कि जमीनी स्तर पर समस्याएं कम नहीं हो रही हैं, जबकि बारिश लगातार जारी है। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा भी कम नहीं हो रही है।
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तटवर्ती सात गांवों के रास्ते जलमग्न हैं। इन पर नाव चलाई जा रही हैं। संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है। दो दिन से लगातार बारिश से गांजर वासी हालात बेकाबू होने की आशंका से घबराए हुए हैं।
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वहीं, तीनों बैराजों से रविवार को 3.04 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सरयू से बाहर निकलकर पानी धीरे-धीरे अखरी, अटौरा, अंगरौरा, सुंदरपुरवा, बक्सीपुरवा, शुकुलपुरवा, कनरखी, केवड़ा, बाबाकुटी, लोधन पुरवा, नागेश्वर पुरवा, निरंजपुरवा की ओर बढ़ रहा है। सात से ज्यादा गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। वहीं, 15 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। कलुवापुर व बाबाकुटी के पास खेतों में चार दिनों से पानी भरा हुआ है। सूबेदार, गुड्डू, रमेश व देशराज ने बताया कि जलभराव से फसलें खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
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ग्रामीणों ने बताया कि गत वर्ष बाढ़ में प्यारे पुरवा के पास रास्ता कट गया था। इसकी मरम्मत न होने से इसी रास्ते से करीब दो से तीन फीट गहराई में पानी बाहर निकल रहा है। राजेश ने बताया कि देशराज पुरवा व प्यारेपुरवा के बच्चों स्कूल जाने और ग्रामीणों को आवागमन के लिए करीब एक किलोमीटर का चक्कर काटकर बंधे से होकर आना-जाना पड़ रहा है।
अमन, दुर्गेश व सूरज ने बताया कि जमीनी स्तर पर समस्याएं कम नहीं हो रही हैं, जबकि बारिश लगातार जारी है। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा भी कम नहीं हो रही है।