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Lucknow News: हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने के नाम पर सात लोगों से ठगे 1.07 करोड़
Mon, 11 Aug 2025 01:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 11 Aug 2025 01:41 AM IST
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लखनऊ। गोमतीनगर के एल्डिको ग्रीन सिटी निवासी पृथ्वीराज गोस्वामी ने कानपुर नगर के भटपुरवा निवासी संजय कुमार पर उनसे व छह अन्य लोगों से हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने के नाम पर 1.07 करोड़ रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर गोमतीनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पृथ्वीराज के मुताबिक कुछ वर्ष पहले ट्रेन में उनकी मुलाकात संजय से हुई थी। धीरे-धीरे उनमें दोस्ती हो गई। कुछ दिन बाद संजय ने उनसे कहा कि वह हाईकोर्ट में उनकी नौकरी लगवा सकता है। इस पर पृथ्वीराज ने भाई विश्वजीत की नौकरी लगवाने की बात कही। इसके बदले संजय ने उनसे 15 लाख रुपये लिए।
आरोपी ने यह भी कहा कि वह और भी लोगों की नौकरी लगवा सकता है। ऐसे में पृथ्वीराज ने आरोपी को परिचित बिहार के नालंदा निवासी मुकेश कुमार, राजीव कुमार, गया के अजय कुमार, वीरेंद्र कुमार व विक्रम से मिलवाया। इन सभी ने भी कुल 92.49 लाख रुपये आरोपी को दिए। कुछ दिन बाद आरोपी ने सभी को नियुक्ति पत्र व परिचय पत्र दे दिया। सभी जब हाईकोर्ट पहुंचे तब उन्हें फर्जीवाड़े का पता चला। पुलिस से शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में पृथ्वीराज ने कोर्ट की शरण ली।
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इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद तिवारी के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है।
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पृथ्वीराज के मुताबिक कुछ वर्ष पहले ट्रेन में उनकी मुलाकात संजय से हुई थी। धीरे-धीरे उनमें दोस्ती हो गई। कुछ दिन बाद संजय ने उनसे कहा कि वह हाईकोर्ट में उनकी नौकरी लगवा सकता है। इस पर पृथ्वीराज ने भाई विश्वजीत की नौकरी लगवाने की बात कही। इसके बदले संजय ने उनसे 15 लाख रुपये लिए।
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आरोपी ने यह भी कहा कि वह और भी लोगों की नौकरी लगवा सकता है। ऐसे में पृथ्वीराज ने आरोपी को परिचित बिहार के नालंदा निवासी मुकेश कुमार, राजीव कुमार, गया के अजय कुमार, वीरेंद्र कुमार व विक्रम से मिलवाया। इन सभी ने भी कुल 92.49 लाख रुपये आरोपी को दिए। कुछ दिन बाद आरोपी ने सभी को नियुक्ति पत्र व परिचय पत्र दे दिया। सभी जब हाईकोर्ट पहुंचे तब उन्हें फर्जीवाड़े का पता चला। पुलिस से शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में पृथ्वीराज ने कोर्ट की शरण ली।
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इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद तिवारी के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है।