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Lucknow News: भीतरगांव में अब तक सात की मौत, रिटायर संग्रह अमीन ने भी दम तोड़ा
Thu, 23 Feb 2023 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 23 Feb 2023 01:21 AM IST
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खीरों (रायबरेली)। भीतरगांव ग्राम पंचायत में मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। बुधवार सुबह एक रिटायर संग्रह अमीन ने दम तोड़ दिया। इस तरह मरने वालों की संख्या सात पहुंच गई। लोगों में दहशत है। उधर, ग्रामीणों की सेहत जांचने के लिए बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची।
भीतरगांव गांव निवासी कमल त्रिपाठी (45), सुक्खा लोधी (75), बरियाथोक गांव निवासी शोभनाथ गौतम (62), ननकई प्रजापति (78), कालीखेड़ा मजरे भीतरगांव निवासी छत्रपाल लोधी (60), गरवर का पुरवा मजरे भीतरगांव निवासी सुक्खा पाल (75) की मंगलवार को कुछ घंटों के अंतराल में मौत हो गई थी।
बुधवार सुबह सात बजे भीतरगांव निवासी व रिटायर संग्रह अमीन सत्तीदीन (70) अपने दरवाजे पर झाड़ू लगा रहे थे। अचानक वह जमीन पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। पत्नी राजवती ने बताया कि वह बिल्कुल स्वस्थ थे। कभी बीमार भी नहीं हुए। कोरोना के समय भी वह पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन उनकी अचानक मौत हो गई।
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सीएमओ पहुंंचे गांव, 42 लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
ग्राम पंचायत भीतरगांव में सात लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने गांव पहुंचकर जांच की। सीएचसी खीरों के डॉ. एसए फारुकी की अगुवाई में टीम ने मिनी सचिवालय भीतरगांव में शिविर लगाकर 42 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए खून के नमूने लिए। जांच में सभी लोग स्वस्थ पाए गए हैं। गांव की नालियों में दवा का छिड़काव कराया। सीएमओ ने बताया कि गांव में सात लोगों की स्वाभाविक मौतें हुईं हैं। मरने वालों में एक को छोड़कर सभी बुजुर्ग थे। गांव में लोगों की सेहत जांचने के लिए पांच दिन तक जांच शिविर लगाया जाएगा। बताया कि सीएचसी अधीक्षक डॉ. इफ्तिखार की अगुवाई में जांच टीम बनाई गई है, जो जल्दी ही रिपोर्ट देगी।
छत्रपाल की मौत ने खड़े किए सवाल
काली खेड़ा मजरे भीतरगांव के रहने वाले छत्रपाल की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार सुबह अचानक छत्रपाल की तबियत बिगड़ गई। पत्नी सोना देवी ने एंबुलेंस बुलाई और बहू सियावती के साथ उसे सीएचसी खीरों ले गई। यहां उसे एंबुलेंस में ही इंजेक्शन लगाया गया। यहां से उसे जिला अस्पताल और फिर लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया। पत्नी सोना ने बताया कि इलाज के लिए पैसे नहीं होने के कारण पति को लखनऊ ले जाने के बजाय घर ले आई और पैसों का इंतजाम कर रही थी, तभी दोपहर को उनकी मौत हो गई। सोना देवी ने बताया कि मंगलवार सुबह उठी तो पति बेहोश पड़े थे। पति शराब के नशे में मारते-पीटते थे। शनिवार को पति ने शराब के नशे में उसे पीटा था, जिससे उसके दाहिने हाथ की अंगुली फट गई थी। ग्रामीणों की मानें तो छत्रपाल की मौत कोई जहरीला पदार्थ खाने या पीने से हुई। सीएचसी के डॉ. मनोज मिश्रा का कहना है कि छत्रपाल मंगलवार सुबह सात बजकर 18 मिनट पर एंबुलेंस से बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। इंजेक्शन लगाने के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया था।
कपड़ा व्यवसायी थे कमल
भीतरगांव के कमल त्रिपाठी बिल्कुल स्वस्थ थे। उनकी मौत हार्टअटैक से हुई। वह कपड़े का व्यापार करते थे। कोरोना काल में उनका व्यापार चौपट हो गया था। इस पर दुकान बंद कर दी थी। दुकान दोबारा शुरू की लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते वह तनाव में रहते थे। उधर, गरवर का पुरवा मजरे भीतरगांव की जगदेई उर्फ सुक्खा पाल को कई दिनों से कमजोरी के साथ ही पेट में हल्का दर्द था। परिजनों ने गर्म पानी से सिंकाई की थी। परिजन उनकी मौत स्वाभाविक बता रहे हैं।
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भीतरगांव गांव निवासी कमल त्रिपाठी (45), सुक्खा लोधी (75), बरियाथोक गांव निवासी शोभनाथ गौतम (62), ननकई प्रजापति (78), कालीखेड़ा मजरे भीतरगांव निवासी छत्रपाल लोधी (60), गरवर का पुरवा मजरे भीतरगांव निवासी सुक्खा पाल (75) की मंगलवार को कुछ घंटों के अंतराल में मौत हो गई थी।
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बुधवार सुबह सात बजे भीतरगांव निवासी व रिटायर संग्रह अमीन सत्तीदीन (70) अपने दरवाजे पर झाड़ू लगा रहे थे। अचानक वह जमीन पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। पत्नी राजवती ने बताया कि वह बिल्कुल स्वस्थ थे। कभी बीमार भी नहीं हुए। कोरोना के समय भी वह पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन उनकी अचानक मौत हो गई।
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सीएमओ पहुंंचे गांव, 42 लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
ग्राम पंचायत भीतरगांव में सात लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने गांव पहुंचकर जांच की। सीएचसी खीरों के डॉ. एसए फारुकी की अगुवाई में टीम ने मिनी सचिवालय भीतरगांव में शिविर लगाकर 42 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए खून के नमूने लिए। जांच में सभी लोग स्वस्थ पाए गए हैं। गांव की नालियों में दवा का छिड़काव कराया। सीएमओ ने बताया कि गांव में सात लोगों की स्वाभाविक मौतें हुईं हैं। मरने वालों में एक को छोड़कर सभी बुजुर्ग थे। गांव में लोगों की सेहत जांचने के लिए पांच दिन तक जांच शिविर लगाया जाएगा। बताया कि सीएचसी अधीक्षक डॉ. इफ्तिखार की अगुवाई में जांच टीम बनाई गई है, जो जल्दी ही रिपोर्ट देगी।
छत्रपाल की मौत ने खड़े किए सवाल
काली खेड़ा मजरे भीतरगांव के रहने वाले छत्रपाल की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार सुबह अचानक छत्रपाल की तबियत बिगड़ गई। पत्नी सोना देवी ने एंबुलेंस बुलाई और बहू सियावती के साथ उसे सीएचसी खीरों ले गई। यहां उसे एंबुलेंस में ही इंजेक्शन लगाया गया। यहां से उसे जिला अस्पताल और फिर लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया। पत्नी सोना ने बताया कि इलाज के लिए पैसे नहीं होने के कारण पति को लखनऊ ले जाने के बजाय घर ले आई और पैसों का इंतजाम कर रही थी, तभी दोपहर को उनकी मौत हो गई। सोना देवी ने बताया कि मंगलवार सुबह उठी तो पति बेहोश पड़े थे। पति शराब के नशे में मारते-पीटते थे। शनिवार को पति ने शराब के नशे में उसे पीटा था, जिससे उसके दाहिने हाथ की अंगुली फट गई थी। ग्रामीणों की मानें तो छत्रपाल की मौत कोई जहरीला पदार्थ खाने या पीने से हुई। सीएचसी के डॉ. मनोज मिश्रा का कहना है कि छत्रपाल मंगलवार सुबह सात बजकर 18 मिनट पर एंबुलेंस से बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। इंजेक्शन लगाने के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया था।
कपड़ा व्यवसायी थे कमल
भीतरगांव के कमल त्रिपाठी बिल्कुल स्वस्थ थे। उनकी मौत हार्टअटैक से हुई। वह कपड़े का व्यापार करते थे। कोरोना काल में उनका व्यापार चौपट हो गया था। इस पर दुकान बंद कर दी थी। दुकान दोबारा शुरू की लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते वह तनाव में रहते थे। उधर, गरवर का पुरवा मजरे भीतरगांव की जगदेई उर्फ सुक्खा पाल को कई दिनों से कमजोरी के साथ ही पेट में हल्का दर्द था। परिजनों ने गर्म पानी से सिंकाई की थी। परिजन उनकी मौत स्वाभाविक बता रहे हैं।