सात बिजली इंजीनियर स्टोर के सामान की हेराफेरी में निलंबित, जांच में पाए गए दोषी
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के स्टोर के सामान की हेराफेरी करके ठेकेदार को बेचे जाने के मामले में बिजली इंजीनियरों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। मध्यांचल निगम के एमडी संजय गोयल ने 15 मई को सात बिजली इंजीनियरों को निलंबित करके चार्जशीट जारी की है।
इनमें तीन-तीन अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) एवं उपखंड अधिकारी (असिस्टेंट इंजीनियर) और एक जूनियर इंजीनियर हैं। मिली जानकारी के मुताबिक एसटीएफ के द्वारा स्टोर के चोरी के सामान को बरामद करने के बाद मध्यांचल निगम को एक जांच रिपोर्ट भेजी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर मध्यांचल निगम ने विभागीय स्तर पर टीम बनाकर जांच कराई थी तो एसटीएफ के आरोप सही पाए।
एसटीएफ ने जिस वक्त स्टोर का सामान ठेकेदार के गोदाम से बरामद किया था, उस वक्त लेसा के सीतापुर रोड खंड के एक्सईएन मनीष चौबे शाहजहांपुर के तिलहर एसडीओ एवं गौरीगंज अमेठी के एसडीओ अरुण कुमार यादव भी तिलहर में जेई के पद पर तैनात थे।
नीरज एवं रंजीत गिरफ्तार
एसटीएफ ने गोंडा के करनैलगंज वितरण खंड-३ के एक्सईएन नीरज एवं जूनियर इंजीनियर रंजीत कुमार को स्टोर के सामान की हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एक्सईएन एवं जेई के जेल जाने पर प्रबंधन ने दोनो को निलंबित कर दिया है। एसटीएफ के द्वारा इस प्रकरण की जांच की जा रही है।
इन पर गिरी गाज
- मनीष चौबे एक्सईएन सीतापुर रोड खंड लेसा ट्रांस गोमती
- राजेंद्र प्रताप सिंह एक्सईएन नगरीय वितरण खंड बरेली
- नीरज एक्सईएन वितरण खंड-३ करनैलगंज गोंडा
- अरुण कुमार यादव एसडीओ गौरीगंज अमेठी
- वरुण गांगुली, एसडीओ जलालाबाद शाहजहांपुर
- आनंद कुमार सिंह एसडीओ नानपारा बहराइच
- रंजीत कुमार जूनियर इंजीनियर करनैलगंज गोंडा
जांच में दोषी, इसलिए निलंबित
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ के निदेशक (कार्मिक प्रबंधन) शुभचंद्र झा का कहना है कि मध्यांचल निगम के स्टोर का सामान एसटीएफ ने पकड़ा था। जिसकी रिपोर्ट के आधार विभागीय जांच कराने पर सात इंजीनियर दोषी पाए गये तो उनको निलंबित कर दिया गया है।