फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Setu nigam deny to change in design in airport link project

संयुक्त सर्वे के बाद सेतु निगम ने एलाइनमेंट और डिजाइन में बदलाव से किया मना, एयरपोर्ट लिंक प्रोजेक्ट फंसा

Tue, 15 Jun 2021 01:57 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jun 2021 01:57 AM IST
विज्ञापन
Setu nigam deny to change in design  in airport link project
एयरपोर्ट से शहीद पथ को सीधे जोड़ने के लिए बन रहे एयरपोर्ट लिंक प्रोजेक्ट का निर्माण फंस गया है। एलडीए की जमीनों के उपयोग न्यूनतम कम करने के लिए हुए संयुक्त सर्वे के बाद सेतु निगम ने एलाइनमेंट और डिजाइन में बदलाव से मना कर दिया है।
विज्ञापन

इसकी वजह फ्लाईओवर पर घुमाव तीव्र होने से हादसे की आशंका और एयरपोर्ट के पास किसानों की जमीनों के अधिग्रहण पर संभावित असर बताया गया है।
ऐसे में प्रोजेक्ट पर अधिकारियों की पूर्व की लापरवाही ने इसके पूरा होने पर ही संकट खड़ा कर दिया है। साथ ही मुआवजे की जरूरत बताते हुए सेतु निगम ने शासन और एलडीए को सोमवार को पत्र भी भेज दिया।
विज्ञापन

इसमें साफ कहा गया है कि पूर्व में बने एलाइनमेंट और डिजाइन के मुताबिक ही प्रोजेक्ट को पूरा करना होगा। 73 प्रतिशत एलीवेटेड सेक्शन के बनने के बाद अब एलाइनमेंट बदलने की संभावना नहीं बनती दिख रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे में एलडीए की जमीनों के लिए मुआवजा दिए जाने के लिए 39.28 करोेड़ रुपये की राशि की मांग भी सेतु निगम ने की है। एलडीए की मुआवजा की मांग को भी सेतु निगम ने संयुक्त सर्वे के बाद उचित ठहरा दिया है।
फ्लाईओवर पर हादसे होना तय
सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी नितिन रमेश गोकर्ण के निर्देश पर एलडीए की जमीनों के न्यूनतम उपयोग को सुनिश्चित करने और मुआवजा की राशि घटाने के लिए 11 जून को संयुक्त सर्वे किया गया। इसके बाद आर्किटेक्ट सलाहकार से भी सलाह ली गई। एलाइनमेंट में बदलाव के बाद आबादी की जगह पर एक तीव्र घुमाव बन रहा है जोकि 30 डिग्री से भी कम होगा। ऐसे में गाड़ियों के तेज गति से आने पर हादसे की आशंका बनी रहेगी। वीआईपी मूवमेंट के होने पर इसकी आशंका काफी अधिक होगी।
लोगों के रास्ते हो जाएंगे बंद
इसी जगह पर भूखंड 55, 56, 57, 58 बचाने के लिए सर्विस लेन नहीं बनाए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया। आरई वॉल बनने के बाद सर्विस लेन नहीं बनने पर यहां मौजूद भूखंड व भवन से निकासी बाधित हो जाएगी। ऐसे में लोगों की दिक्कत यहां बढ़ जाएगी जोकि न्यायोचित नहीं होगी।
किसानों का अधिग्रहण भी प्रभावित होगा
सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर एलाइनमेंट और डिजाइन में बदलाव भी कर लिया जाए। तब किसानों की जमीन का अधिग्रहण प्रभावित हो जाएगा। यह काम 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है। एलाइनमेंट बदलने पर किसानों वाली जमीन बदल जाएंगी। ऐसे में नए काश्तकारों से सहमति बनाना आसान नहीं होगा।
बड़ा सवाल : तालाब पर भूखंड कैसे कट गए
पूरे प्रकरण में एलडीए के अधिकारियों का एक कारनामा और सामने आ गया है। मानसरोवर योजना के जिन भूखंडों को एलडीए आवंटित कर रजिस्ट्री किया जाना बता रहा है। वहां मौके पर सत्यापन में तालाब, मंदिर, छठ पूजा स्थल और दो बरगद के पेड़ मौजूद हैं। 2018 में एसडीएम सरोजनीनगर अपनी रिपोर्ट भी दे चुके हैं। इस जमीन पर एलडीए अपने भूखंड 62, 63, 64, 65, 72, 73, 74, 75 को बता रहा है। खुद अधिशासी अभियंता एलडीए ने इन भूखंड के रजिस्ट्री के बाद मालिकाना हक आवंटियों केे बताए। ऐसे में मुआवजा सेतु निगम को देना ही होगा। हालांकि, सेतु निगम कोे अभी तक इन आवंटियों ने मुआवजा के लिए संपर्क नहीं किया है।
व्यय वित्त समिति को फिर जाएगा प्रस्ताव
सेतु निगम ने मुआवजा की मांग का प्रस्ताव शासन को भेेजते हुए बजट की मांग कर दी है। ऐसे में शासन की व्यय वित्त समिति के सामने यह प्रस्ताव जाएगा। 2019 में यही व्यय वित्त समिति एलडीए के भूखंडों के लिए मुआवजा दिए जानेे के लिए मना कर चुकी है। ऐसे में केवल किसानों की जमीन के लिए ही 17 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। यह पैसा भी काश्तकारों को बांटा नहीं जा सका। यह बजट पीडब्ल्यूडी के पास है।

फ्लाईओवर के काम के लिए एलाइनमेंट व डिजाइन में बदलाव संभव नहीं है। इसे देखते हुए मुआवजा की मांग की जा रही है। यह अभी प्रक्रिया में है। जल्दी ही कोई फैसला हो जाएगा।
- अरविंद श्रीवास्तव, एमडी, सेतु निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed