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मुलायम के आगे नहीं चला पीएमओ का भी आदेश
निशांत यादव/लखनऊ
Updated Tue, 29 Oct 2013 01:11 PM IST
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रिकॉर्ड समय में डालीगंज पुल बनाने वाले सेतु निगम की प्राथमिकता विक्रमादित्य मार्ग का नाम आते ही बदल गई है।
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प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित जिस दिलकुशा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने के आदेश जारी हुए थे।
सेतु निगम ने उसे बनाने से इंकार कर दिया है। निगम ने रेलवे बोर्ड को पुल न बनाने के बारे में पत्र भी लिख दिया है।
एलडीए के टाउन प्लानिंग विभाग ने शहर का ट्रॉफिक एसेसमेंट प्लान बनाने के बाद दिलकुशा, माल एवेन्यू, अर्जुनगंज, पुरनिया और डालीगंज क्रॉसिंग पर पुल निर्माण का प्रस्ताव बनाया था।
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इस प्रस्ताव को अपनी प्राथमिकता में शामिल करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 12 अप्रैल 2012 को प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर प्रदेश में 25 रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण को अविलंब मंजूरी देने को कहा था।
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पत्र में माल एवेन्यू रेलवे क्रॉसिंग संख्या 214 और विक्रमादित्य मार्ग स्थित दिलकुशा रेलवे क्रॉसिंग संख्या 213 को भी शामिल किया गया था।
रेलवे बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन विनय मित्तल ने विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए 11 जुलाई 2012 को दिलकुशा और माल एवेन्यू सहित 25 पुलों के निर्माण की मंजूरी देते हुए मुख्य सचिव जावेद उस्मानी को पत्र भेज दिया था।
पत्र मिलने के बाद सेतु निगम ने बिना जनरल एडजेस्टमेंट डिजाइन (जीएडी) और रक्षा मंत्रालय से बिना एनओसी लिए माल एवेन्यू पुल का निर्माण शुरू कर दिया।
दूसरी ओर रेलवे ने माल एवेन्यू के साथ दिलकुशा क्रॉसिंग के ऊपर अपने हिस्से के पुल निर्माण के लिए एक साथ मेगा ब्लॉक देकर ट्रेन संचालन प्रभावित करने का निर्णय भी ले लिया।
रेलवे ने सेतु निगम को दिलकुशा रेलवे क्रॉसिंग पर काम शुरू करने के लिए पिछले पांच माह में तीन बार पत्र लिखा। लेकिन यहां काम शुरू नहीं हुआ।
सूत्रों के अनुसार विक्रमादित्य मार्ग पर पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का आवास होने के कारण सेतु निगम ने यहां पुल बनाने की अपनी योजना में परिवर्तन कर दिया है।
पिछले दिनों सेतु निगम ने रेलवे को भेजे गए पत्र में कहा है कि अब विक्रमादित्य मार्ग स्थित दिलकुशा रेलवे क्रॉसिंग पर पुल बनाने की कोई आवश्यकता ही नहीं है।
सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि लखनऊ बाईपास का निर्माण पूरा होने के कारण इस समपार पर मार्ग यातायात बहुत कम हो गया है। इस कारण इस जगह ओवरब्रिज की आवश्यकता नहीं है।
इसकी जगह आलमनगर रेलवे क्रासिंग 221 पर पुल बनाने का प्रस्ताव भेज दिया था। रेलवे प्रशासन ने भी सेतु निगम को जवाब भेजा है कि आलमनगर क्रॉसिंग की योजना रेलवे की पिंक बुक (रेलवे वर्क्स प्रोग्राम) में शामिल किया गया है।
इसलिए यदि दिलकुशा क्रॉसिंग पर पुल का निर्माण नहीं होना है तो वर्ष 2011-12 की पिंक बुक से इस योजना को समाप्त करने की कार्रवाई करनी होगी।