{"_id":"69a9ecde859291554f0b2e1d","slug":"service-charter-will-be-prepared-for-students-in-bbau-lucknow-news-c-13-1-lko1028-1631889-2026-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: बीबीएयू में विद्यार्थियों के लिए तैयार होगा सेवा चार्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: बीबीएयू में विद्यार्थियों के लिए तैयार होगा सेवा चार्टर
विज्ञापन
बीबीएयू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए सेवा चार्टर तैयार किए जाएगा। विद्यार्थियों को इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि उनसे जुड़े सभी कामों को निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा।
ये निर्णय कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल की मौजूदगी में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक में सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, निदेशक और अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी सेवा संकल्प प्रस्ताव के अनुपालन में बैठक के दौरान कुलपति ने विश्वविद्यालय में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने, नियमों व प्रक्रियाओं को समय रहते निस्तारण करने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों के हित में एक सेवा चार्टर तैयार करने का भी निर्देश जारी किया। कुलपति ने इस बात जोर दिया कि किसी शिक्षण संस्थान की पहचान उसके विद्यार्थी होते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों से जुड़े सभी कामों को समय के साथ पूरा किया जाना चाहिए।
शिक्षक व कर्मचारी करें सेवा भाव से काम
कुलपति ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे समाज सेवा की अपनी भूमिका को समझें अपने पेशे को नोबल प्रोफेशन मानते हुए सेवा भाव से काम करें। बैठक के दौरान उन्होंने शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एसओपी तैयार करने का निर्देश भी दिया।
विज्ञापन
समय से पूरे होंगे शोध, तय होगी सामाजिक उपयोगिता
बैठक में तय हुआ कि अनावश्यक प्रक्रियाओं से बचा जाए और कामों की संस्कृति में दक्षता लाने के लिए हर बिंदु पर ध्यान देने की जरूरत है। जिसमें शोध कार्यों की सामाजिक उपयोगिता सुनिश्चित करने और उनके परिणामों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक एवं बौद्धिक विकास पर भी ध्यान देन के लिए कहा।
विज्ञापन
ये निर्णय कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल की मौजूदगी में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक में सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, निदेशक और अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी सेवा संकल्प प्रस्ताव के अनुपालन में बैठक के दौरान कुलपति ने विश्वविद्यालय में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने, नियमों व प्रक्रियाओं को समय रहते निस्तारण करने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों के हित में एक सेवा चार्टर तैयार करने का भी निर्देश जारी किया। कुलपति ने इस बात जोर दिया कि किसी शिक्षण संस्थान की पहचान उसके विद्यार्थी होते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों से जुड़े सभी कामों को समय के साथ पूरा किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
शिक्षक व कर्मचारी करें सेवा भाव से काम
कुलपति ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे समाज सेवा की अपनी भूमिका को समझें अपने पेशे को नोबल प्रोफेशन मानते हुए सेवा भाव से काम करें। बैठक के दौरान उन्होंने शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एसओपी तैयार करने का निर्देश भी दिया।
विज्ञापन
समय से पूरे होंगे शोध, तय होगी सामाजिक उपयोगिता
बैठक में तय हुआ कि अनावश्यक प्रक्रियाओं से बचा जाए और कामों की संस्कृति में दक्षता लाने के लिए हर बिंदु पर ध्यान देने की जरूरत है। जिसमें शोध कार्यों की सामाजिक उपयोगिता सुनिश्चित करने और उनके परिणामों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक एवं बौद्धिक विकास पर भी ध्यान देन के लिए कहा।