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Lucknow News: तकनीकी और वाणिज्यिक इकाई के अलग-अलग कंट्रोल रूम सेवाओं में करेंगे सुधार
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एमडी ने की समीक्षा बैठक।
लखनऊ। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवा देने के लिए तकनीकी और वाणिज्यिक इकाइयों के लिए अलग-अलग कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं। यह निर्देश पूर्वांचल डिस्कॉम के एमडी शंभू कुमार ने वाराणसी से लखनऊ पहुंचकर समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के सवालों का तुरंत और सटीक जवाब देने के लिए अब डायरी की जगह लैपटॉप में अपलोड किए गए एप का उपयोग किया जाएगा।
शनिवार सुबह करीब 10:45 बजे एमडी शंभू कुमार अमौसी जोन स्थित इंद्रलोक हाइडिल कॉलोनी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने वर्टिकल सिस्टम की समीक्षा की। पावर कॉर्पोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल के निर्धारित नौ मापदंडों पर जब सवाल पूछे, तो कई इंजीनियरों के पास जवाब नहीं थे। इस पर एमडी ने सलाह दी कि तकनीकी और वाणिज्यिक अधीक्षण अभियंता अपने कंट्रोल रूम स्थापित करें और उपभोक्ताओं के लिए संपर्क नंबर जारी करें।
दूसरी तरफ, आगरा डिस्कॉम के एमडी नीतीश कुमार ने हुसैनगंज कॉल सेंटर, घंटाघर बिजली घर का निरीक्षण किया और उपभोक्ताओं से वर्टिकल व्यवस्था का फीडबैक लिया।
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दोहरी कंट्रोल रूम प्रणाली के लाभ
इस नई प्रणाली से बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतें सीधे तकनीकी कंट्रोल रूम में दर्ज होंगी, जबकि नए कनेक्शन, गलत बिलिंग जैसी वाणिज्यिक शिकायतें वाणिज्यिक कंट्रोल रूम में जाएंगी। इससे उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान अधिक तेजी से और कुशलता से होगा। एमडी ने इंद्रलोक हाइडिल कॉलोनी के उपकेंद्र का निरीक्षण भी किया और 1912 पर आने वाली शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया की जानकारी ली।
शिकायत निवारण प्रक्रिया और समीक्षा
इस बीच, निदेशक कॉर्पाेरेट प्लानिंग दीपक रायजादा ने गोमतीनगर जोन का दौरा किया। मुख्य अभियंता सुशील गर्ग की उपस्थिति में जोनल कार्यालय में समीक्षा बैठक भी की। बैठक में गर्मी में बिजली आपूर्ति की तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। इसके बाद, उन्होंने विश्वासखंड हेल्पडेस्क का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से उपभोक्ता शिकायतों को दर्ज करने और उनके समाधान की प्रक्रिया की जानकारी ली।
समीक्षा में अमौसी, लखनऊ मध्य, गोमतीनगर जोन में पूछे गए सवाल
- ट्राॅली ट्रांसफार्मर पूरी तरह से दुरुस्त या नहीं, ऑयल, हवा जांच ली
- ट्रांसफार्मरों पर कितना-कितना लोड, चेक किया या नहीं
- प्रबंधन की अपेक्षा के अनुकूल स्मार्ट मीटर अब तक क्यों नहीं लगे
- कितने लोगों ने लॅपटॉप पर उपभोक्ता सेवा के एप अपलोड किए
- लाइन का फ्यूज उड़ता तो आपको कैसे पता चलता
नोट : एमडी और निदेशक के सवालों का इंजीनियरों ने गोल-मोल जवाब दिया
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शनिवार सुबह करीब 10:45 बजे एमडी शंभू कुमार अमौसी जोन स्थित इंद्रलोक हाइडिल कॉलोनी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने वर्टिकल सिस्टम की समीक्षा की। पावर कॉर्पोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल के निर्धारित नौ मापदंडों पर जब सवाल पूछे, तो कई इंजीनियरों के पास जवाब नहीं थे। इस पर एमडी ने सलाह दी कि तकनीकी और वाणिज्यिक अधीक्षण अभियंता अपने कंट्रोल रूम स्थापित करें और उपभोक्ताओं के लिए संपर्क नंबर जारी करें।
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दूसरी तरफ, आगरा डिस्कॉम के एमडी नीतीश कुमार ने हुसैनगंज कॉल सेंटर, घंटाघर बिजली घर का निरीक्षण किया और उपभोक्ताओं से वर्टिकल व्यवस्था का फीडबैक लिया।
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दोहरी कंट्रोल रूम प्रणाली के लाभ
इस नई प्रणाली से बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतें सीधे तकनीकी कंट्रोल रूम में दर्ज होंगी, जबकि नए कनेक्शन, गलत बिलिंग जैसी वाणिज्यिक शिकायतें वाणिज्यिक कंट्रोल रूम में जाएंगी। इससे उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान अधिक तेजी से और कुशलता से होगा। एमडी ने इंद्रलोक हाइडिल कॉलोनी के उपकेंद्र का निरीक्षण भी किया और 1912 पर आने वाली शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया की जानकारी ली।
शिकायत निवारण प्रक्रिया और समीक्षा
इस बीच, निदेशक कॉर्पाेरेट प्लानिंग दीपक रायजादा ने गोमतीनगर जोन का दौरा किया। मुख्य अभियंता सुशील गर्ग की उपस्थिति में जोनल कार्यालय में समीक्षा बैठक भी की। बैठक में गर्मी में बिजली आपूर्ति की तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। इसके बाद, उन्होंने विश्वासखंड हेल्पडेस्क का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से उपभोक्ता शिकायतों को दर्ज करने और उनके समाधान की प्रक्रिया की जानकारी ली।
समीक्षा में अमौसी, लखनऊ मध्य, गोमतीनगर जोन में पूछे गए सवाल
- ट्राॅली ट्रांसफार्मर पूरी तरह से दुरुस्त या नहीं, ऑयल, हवा जांच ली
- ट्रांसफार्मरों पर कितना-कितना लोड, चेक किया या नहीं
- प्रबंधन की अपेक्षा के अनुकूल स्मार्ट मीटर अब तक क्यों नहीं लगे
- कितने लोगों ने लॅपटॉप पर उपभोक्ता सेवा के एप अपलोड किए
- लाइन का फ्यूज उड़ता तो आपको कैसे पता चलता
नोट : एमडी और निदेशक के सवालों का इंजीनियरों ने गोल-मोल जवाब दिया

एमडी ने की समीक्षा बैठक।

एमडी ने की समीक्षा बैठक।

एमडी ने की समीक्षा बैठक।