लाखों गबन करने वाला वरिष्ठ लिपिक बर्खास्त, नगर पंचायत के अध्यक्ष ने जारी किया आदेश
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इसके बाद बृहस्पतिवार को नगराम पंचायत अध्यक्ष ने बोर्ड मीटिंग के अनुमोदन के बाद बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। नगर पंचायत अध्यक्ष राम किशोर ने बताया कि निलंबित वरिष्ठ लिपिक सुनील कुमार ने 2018 से पहले तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी उमाकांत मिश्र के फर्जी हस्ताक्षर बनाए।
इसके बाद चेक के जरिए अपने, पत्नी, साले व साली और अन्य के नाम पर चेक बनाकर 67.40 लाख रुपये का गबन किया। चार मई 2018 को तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी उमाकांत मिश्र ने थाने पर गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया।
गबन की रकम की वसूली का आदेश जारी
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 27 जून 2018 को जेल भेजा दिया था। इस मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अधिशाषी अधिकारी आदित्य प्रकाश को जांच अधिकारी नामित किया गया था। उनके स्थानांतरण के बाद अधिशाषी अधिकारी विनीत श्रीवास्तव ने जांच पूरी की।
इससे पहले लिपिक सुनील को निलंबित कर दिया गया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद आरोपी लिपिक द्वारा आरोपपत्र में लगाए गए आरोपों का सही व संतोषजनक उत्तर न देने पर नगराम नगर पंचायत की बोर्ड मीटिंग में मामला रखा गया। बृहस्पतिवार को सुनील श्रीवास्तव को बर्खास्त करते हुए गबन की रकम की वसूली का आदेश जारी कर दिया गया।