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बुजुर्ग मां-बाप के लिए नर्क से कम नहीं कानपुर!
अतुल भारद्वाज/लखनऊ
Updated Sat, 23 Nov 2013 12:33 PM IST
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बुजुर्गों के लिए अपने ही घर में दुर्व्यवहार बड़ी समस्या बन चुकी है। एक सर्वे रिपोर्ट ‘एल्डर एब्यूज इन इंडिया-2013’ में यह हकीकत सामने आई है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, बुजुर्ग अपने ही घर में बेटे व बहू की प्रताड़ना का शिकार बन रहे हैं।
बहू जहां सबसे ज्यादा दुर्व्यवहार कर रही है, वहीं बेटा माता-पिता की मदद करने के बजाय पत्नी के लगभग बराबर चल रहा है।
शुक्रवार को यह रिपोर्ट यहां के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार एआईएससीकॉन-2013 में साझा की गई।
हेल्पएज इंडिया और सिग्मा संस्था की साझा सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, यह सर्वे कानपुर सहित 20 राज्यों के 24 टियर-1 और टियर-2 शहरों में कराया गया।
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इसमें पाया गया कि 83 प्रतिशत बुजुर्ग अपने परिवार के साथ ही रह रहे हैं। इनमें से 23 प्रतिशत को प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। सबसे बुरी स्थिति कानपुर की रही।
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यहां 60 प्रतिशत बुजुर्ग प्रताड़ित हुए। कुल मामलों में से 35 प्रतिशत को लगभग रोज इस परिस्थिति से गुजरना होता है। 70 प्रतिशत प्रताड़ित बुजुर्गों ने कहीं भी शिकायत नहीं की।
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शिकायत न करने के पीछे मानना था कि यह उनका पारिवारिक मामला है। 20 प्रतिशत को शिकायत कहां करनी है, इसकी जानकारी नहीं थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, 39 प्रतिशत मामलों में बहू ने सास-ससुर के साथ दुर्व्यवहार किया था।
वहीं 38 प्रतिशत मामलों में खुद बेटा ही माता-पिता को परेशान कर रहा था। 23 प्रतिशत मामलों में दुर्व्यवहार के पीछे बेटी, दामाद, रिश्तेदार या जिम्मेदारी उठाने वाले लोग थे।
40 प्रतिशत बुजुर्ग बिना पति या पत्नी के अपनी जिंदगी 60 साल से ज्यादा होने पर गुजार रहे थे।
कुल मामलों में स्थिति
79 प्रतिशत बुजुर्गों को नहीं मिल रहा सम्मान, 76 प्रतिशत के साथ गाली-गलौज, 36 प्रतिशत को पीटा गया, 39 प्रतिशत को बहू ने प्रताड़ित किया, 38 प्रतिशत को बेटे ने प्रताड़ित किया।
क्या रहे कारण
आर्थिक निर्भरता, स्वास्थ्य, बढ़ती उम्र की परेशानी,परिवार के साथ सामंजस्य नहीं होना, बेटे, बहू या रिश्तेदारों को पैसा नहीं देना।