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Lucknow News: पकड़ा गया सीएनईटी का फर्जी प्रश्नपत्र बेचने वाला
Sun, 07 Jun 2026 02:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 07 Jun 2026 02:16 AM IST
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आरोपी ओम कुमार।
लखनऊ। काॅमन नर्सिंग एंट्रेंस टेस्ट (सीएनईटी) 2026 के प्रश्नपत्र के नाम पर ठगी के मामले में ओम कुमार को गिरफ्तार किया गया है। वह बिहार के पटना जिले के पंडारक का निवासी है। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक देवाशीष शुक्ला ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। यूपी एसटीएफ ने शनिवार को आरोपी को सुशांत गोल्फ सिटी इलाके से पकड़ा।
परीक्षा नियंत्रक का आरोप था कि ठगों ने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के दावा किया था। साथ ही अभ्यर्थियों से डिजिटल पेमेंट प्लेटफाॅर्म के जरिये धनराशि जमा करने के लिए कहते थे। जांच में दो हजार रुपये की ठगी का एक मामला सामने आया है।
शिकायतकर्ता ने दो यूपीआई आईडी और टेलीग्राम चैनल के जरिये ठगों की पहचान की थी। आरोपियों पर परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता प्रभावित करने का आरोप है।
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एसटीएफ ने ओम कुमार के पास से दो मोबाइल फोन और दो आधार कार्ड बरामद किए हैं। यह गिरोह अभ्यर्थियों के साथ धोखाधड़ी भी कर रहा था।
2022 से परीक्षाओं के नाम पर कर रहा था ठगी
ओम ने बताया कि वर्ष 2022 से वह ठगी कर रहा था। वह और उसके साथी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक का फर्जी दावा करते थे। वे सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म टेलीग्राम पर पेपर लीक नाम से चैनल बनाते थे। अभ्यर्थियों से दो से तीन हजार रुपये ऐंठ लेते थे। परीक्षा के दिन वे चैनल बंद कर देते थे और नया चैनल बनाकर फिर वही काम शुरू करते थे। ठगी की रकम कम होने के कारण ज्यादातर लोग शिकायत नहीं करते थे। एसटीएफ अब ओम के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। आरोपी के बैंक खाते और यूपीआई अकाउंट खंगाले जा रहे हैं।
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परीक्षा नियंत्रक का आरोप था कि ठगों ने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के दावा किया था। साथ ही अभ्यर्थियों से डिजिटल पेमेंट प्लेटफाॅर्म के जरिये धनराशि जमा करने के लिए कहते थे। जांच में दो हजार रुपये की ठगी का एक मामला सामने आया है।
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शिकायतकर्ता ने दो यूपीआई आईडी और टेलीग्राम चैनल के जरिये ठगों की पहचान की थी। आरोपियों पर परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता प्रभावित करने का आरोप है।
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एसटीएफ ने ओम कुमार के पास से दो मोबाइल फोन और दो आधार कार्ड बरामद किए हैं। यह गिरोह अभ्यर्थियों के साथ धोखाधड़ी भी कर रहा था।
2022 से परीक्षाओं के नाम पर कर रहा था ठगी
ओम ने बताया कि वर्ष 2022 से वह ठगी कर रहा था। वह और उसके साथी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक का फर्जी दावा करते थे। वे सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म टेलीग्राम पर पेपर लीक नाम से चैनल बनाते थे। अभ्यर्थियों से दो से तीन हजार रुपये ऐंठ लेते थे। परीक्षा के दिन वे चैनल बंद कर देते थे और नया चैनल बनाकर फिर वही काम शुरू करते थे। ठगी की रकम कम होने के कारण ज्यादातर लोग शिकायत नहीं करते थे। एसटीएफ अब ओम के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। आरोपी के बैंक खाते और यूपीआई अकाउंट खंगाले जा रहे हैं।