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राम मूर्ति का चयन: मूर्तिकार ने महीनों परिजनों से नहीं की बात, ताकि मूर्ति की छवि को लेकर मन में एकाग्रता रहे
Mon, 15 Jan 2024 05:27 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 15 Jan 2024 05:27 PM IST
सार
राम मंदिर में कौन सी मूर्ति लगेगी इसका चयन हो गया है। मूर्तिकार मूर्ति बनाने में एकाग्र हो सके इसके लिए उन्होंने महीनों तक परिवार के लोगों से बात नहीं की।
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Arun yogiraj
- फोटो : instagram
विस्तार
श्रीरामलला की प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकार ने प्रतिमा बनाने के दौरान कार्य में खलल न पड़े, इसके लिए महीनों अपने परिजनों से बातचीत तक नहीं की। यहां तक की बच्चों की सूरत भी नहीं देखी। उनकी एकाग्रता की मिसाल सोमवार को चंपत राय ने सभी के समक्ष रखी।
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उन्होंने बताया कि प्रतिमा का निर्माण करने वाले मैसूर के निवासी अरुण योगीराज ने मूर्ति निर्माण कार्य के दौरान जिस तरह से जीवन व्यतीत किया है शायद आप सोच भी नहीं सकते। कार्य के दौरान महीनों तक फोन को हाथ तक नहीं लगाया। अपने बच्चों और परिजनों तक से बात नहीं की।
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उन्होंने बताया कि अरुण योगीराज अनेक पीढ़ियों से मूर्ति निर्माण के कार्य से जुड़े हैं। उनके पूर्वज भी यही काम करते आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार केदारनाथ में शंकराचार्य की प्रतिमा उन्होंने ही बनाई है। दिल्ली में इंडिया गेट के नीचे सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा भी उन्होंने ही बनाई है। श्रीरामलला की मूर्ति चयन की प्रक्रिया में उन्हीं की मूर्ति का चयन किया गया। सभी ट्रस्टीज ने उनकी मूर्ति की प्रशंसा की है।
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