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Lucknow News: बूढ़े हास्पिटल अटेंडेंट खींचेंगे मरीजों के स्ट्रेचर
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लखनऊ। लोहिया संस्थान में अब बूढ़े हॉस्पिटल अटेंडेंट मरीजों के स्ट्रेचर खींचते नजर आएंगे। इतना ही नहीं सेवानिवृत्त होने के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संस्थान में काम करते नजर आएंगे। इसके लिए संस्थान प्रशासन ने विज्ञापन निकालकर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन सेवानिवृत्त हॉस्पिटल अटेंडेंट व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों के मुकाबले दो गुने ज्यादा वेतन पर रखा जाना है। इसे लेकर आउटसोर्स कर्मचारियों में आक्रोश है।
संस्थान में इस समय ज्यादातर स्टाफ संविदा पर हैं। कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए संस्थान की ओर से विज्ञापन निकालकर आठ जून को साक्षात्कार लिया गया। इसके अनुसार सेवानिवृत्ति के बाद इन कर्मचारियों को 24840 रुपये वेतन निर्धारित किया गया है। जबकि संस्थान में आउटसोर्सिंग के वार्ड ब्वॉय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 10 हजार रुपये वेतन ही मिलता है। विज्ञापन में हॉस्पिटल अटेंडेंट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, टेक्नीशियन, कम्प्यूटर ऑपरेटर, सोशल वर्कर, नर्स जैसे पद शामिल हैं।
दो साल में पीजीआई के 32 कर्मचारियों को नौकरी
लोहिया संस्थान में पिछले दो साल के दौरान पीजीआई से सेवानिवृत्त होने वाले 32 कर्मचारियों को नौकरी दी जा चुकी है। इनको 23 हजार से लेकर 70 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन दिया जा रहा है। आरटीआई में मिली सूचना में यह बात सामने आई हैं।
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बदली गई रेजीडेंट डॉक्टर की यूनिट
संस्थान में रेजीडेंट डॉक्टर द्वारा इंटर्न को थप्पड़ मारने के मामले की जांच शुक्रवार को पूरी हो गई। इसके बाद संस्थान प्रशासन ने रेजीडेंट डॉक्टर की यूनिट बदल दी है। संस्थान में इंटर्न ने रेजीडेंट के खिलाफ थप्पड़ मारने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद डीन ने छह सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। जांच कमेटी ने शुक्रवार को पीड़ित व आरोपी के बयान लिए। संस्थान प्रशासन का कहना है कि शनिवार को जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।
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संस्थान में इस समय ज्यादातर स्टाफ संविदा पर हैं। कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए संस्थान की ओर से विज्ञापन निकालकर आठ जून को साक्षात्कार लिया गया। इसके अनुसार सेवानिवृत्ति के बाद इन कर्मचारियों को 24840 रुपये वेतन निर्धारित किया गया है। जबकि संस्थान में आउटसोर्सिंग के वार्ड ब्वॉय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 10 हजार रुपये वेतन ही मिलता है। विज्ञापन में हॉस्पिटल अटेंडेंट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, टेक्नीशियन, कम्प्यूटर ऑपरेटर, सोशल वर्कर, नर्स जैसे पद शामिल हैं।
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दो साल में पीजीआई के 32 कर्मचारियों को नौकरी
लोहिया संस्थान में पिछले दो साल के दौरान पीजीआई से सेवानिवृत्त होने वाले 32 कर्मचारियों को नौकरी दी जा चुकी है। इनको 23 हजार से लेकर 70 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन दिया जा रहा है। आरटीआई में मिली सूचना में यह बात सामने आई हैं।
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बदली गई रेजीडेंट डॉक्टर की यूनिट
संस्थान में रेजीडेंट डॉक्टर द्वारा इंटर्न को थप्पड़ मारने के मामले की जांच शुक्रवार को पूरी हो गई। इसके बाद संस्थान प्रशासन ने रेजीडेंट डॉक्टर की यूनिट बदल दी है। संस्थान में इंटर्न ने रेजीडेंट के खिलाफ थप्पड़ मारने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद डीन ने छह सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। जांच कमेटी ने शुक्रवार को पीड़ित व आरोपी के बयान लिए। संस्थान प्रशासन का कहना है कि शनिवार को जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।