{"_id":"685684bb6f90c9af540b0c6b","slug":"secretariat-computer-assistant-fired-from-job-charge-extorting-money-2025-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: नौकरी दिलाने के नाम पर ऐंठे पैसे... सचिवालय की कंप्यूटर सहायक बर्खास्त, जांच के बाद हुई कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: नौकरी दिलाने के नाम पर ऐंठे पैसे... सचिवालय की कंप्यूटर सहायक बर्खास्त, जांच के बाद हुई कार्रवाई
Sat, 21 Jun 2025 05:32 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sat, 21 Jun 2025 05:32 PM IST
सार
लखनऊ सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने और बार-बार अनुपस्थित रहने के आरोपों में निलंबित चल रहीं कंप्यूटर सहायक निधि सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद शासन ने यह कार्रवाई की है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक चित्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश सचिवालय में कार्यरत कंप्यूटर सहायक निधि सिंह को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा वसूलने और ड्यूटी से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने जैसे गंभीर आराेपों में बर्खास्त कर दिया गया है। इस मामले में 2022 से विभागीय कार्यवाही व जांच चल रही है।
विज्ञापन
सचिवालय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव फूलचंद्र ने आदेश जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि निधि सिंह, कम्प्यूटर सहायक (निलंबित) को अनधिकृत अनुपस्थिति, शासन में प्राप्त विभिन्न शिकायतों और नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के गंभीर आरोपों में दोषी पाए जाने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़े- Yoga Day 2025: योग के मंत्र से गूंजे वृद्धाश्रम और सर्वोदय विद्यालय, प्रशिक्षकों ने बताई जीवन में इसकी महत्ता
विज्ञापन
ये भी पढ़े- UP News: 16 जिलों में होगी 144 औद्योगिक प्लॉटों की मेगा ई-नीलामी, जानें आवेदन से लेकर पूरी प्रक्रिया
इस प्रकरण में विभाग ने 2022 से विभागीय कार्यवाही शुरू की थी। विभागीय जांच में पुष्टि हुई कि निधि सिंह ने नौकरी के बदले पैसे लिए, लेकिन जांच में सहयोग नहीं किया। उन्हें कई बार नोटिस भेजे गए, मगर न तो वो पेश हुईं और न ही कोई जवाब दिया।
समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित कराने और जिलाधिकारी लखनऊ के माध्यम से पता लगाने के बाद भी निधि सिंह जांच में शामिल हुईं। इसके बाद एकतरफा जांच में दोषी पाए जाने पर सचिवालय प्रशासन विभाग ने सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया।