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यूपी विधानसभा में बदलेगी विधायकों के बैठने की व्यवस्था, कोरोना की छाया में सदन की बैठक बनी चुनौती
Mon, 13 Jul 2020 01:11 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 13 Jul 2020 01:11 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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कोरोना संकट के मद्देनजर सदस्यों की सुरक्षा के लिए इस बार विधानमंडल सत्र में विधानसभा व विधान परिषद में सदस्यों के बैठने की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। इस पर मंथन शुरू हो गया है। इस मुद्दे पर दोनों सदनों के अधिकारी जल्द ही राजनीतिक दलों व अन्य संबंधित पक्षों से भी बातचीत करेंगे।
वैसे तो अक्सर देखा जाता रहा है कि विधानमंडल के दोनों सदनों में दोपहर बाद कभी-कभी सदस्यों की उपस्थिति इतनी कम हो जाती है कि कोरम का संकट खड़ा हो जाता है। कई बार सदन की घंटी भी बजानी पड़ती है ताकि सदन में सदस्य आ जाएं। बावजूद इसके संवैधानिक और संसदीय परंपरा के अनुसार किसी सदस्य को सदन में आने से सामान्यत: रोका तो जा नहीं सकता।
इसलिए विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद सभापति के लिए कोरोना की छाया में सदन की बैठक बुलाना बड़ी चुनौती बन गई है ताकि सदस्यों के मध्य पर्याप्त शारीरिक दूरी रखी जा सके। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों वर्चुअल सदन के विकल्प पर गौर किया गया था। पर, कई तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों के चलते इसे विचार को छोड़ना पड़ा।
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वैसे तो अक्सर देखा जाता रहा है कि विधानमंडल के दोनों सदनों में दोपहर बाद कभी-कभी सदस्यों की उपस्थिति इतनी कम हो जाती है कि कोरम का संकट खड़ा हो जाता है। कई बार सदन की घंटी भी बजानी पड़ती है ताकि सदन में सदस्य आ जाएं। बावजूद इसके संवैधानिक और संसदीय परंपरा के अनुसार किसी सदस्य को सदन में आने से सामान्यत: रोका तो जा नहीं सकता।
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इसलिए विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद सभापति के लिए कोरोना की छाया में सदन की बैठक बुलाना बड़ी चुनौती बन गई है ताकि सदस्यों के मध्य पर्याप्त शारीरिक दूरी रखी जा सके। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों वर्चुअल सदन के विकल्प पर गौर किया गया था। पर, कई तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों के चलते इसे विचार को छोड़ना पड़ा।
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दीर्घाओं में बैठाने पर विचार
विधानसभा व विधान परिषद के अधिकारी राजनीतिक दलों के विधान मंडल दल नेताओं से बातचीत करके सदन में सदस्यों की संख्या का प्रबंधन करने पर विचार कर रहे हैं। जिससे किसी सदस्य के सदन में उपस्थिति में बाधा भी न आए और कोरोना के मद्देनजर संक्रमण से सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की जा सके।
इसके लिए सदन की दीर्घाओं और लॉबी में भी सदस्यों को बैठाने के विकल्प पर भी विचार हो रहा है। अधिकारी तकनीकी विशेषज्ञों से भी चर्चा कर रहे हैं ताकि सदस्यों को जहां बैठाया जाए वहां से वह सदन की तरह ही अपनी बात रख सकें।
इसके लिए सदन की दीर्घाओं और लॉबी में भी सदस्यों को बैठाने के विकल्प पर भी विचार हो रहा है। अधिकारी तकनीकी विशेषज्ञों से भी चर्चा कर रहे हैं ताकि सदस्यों को जहां बैठाया जाए वहां से वह सदन की तरह ही अपनी बात रख सकें।