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निजी कंपनी के प्रतिनिधि ने एसडीएम मोहनलालगंज पर लगाया 25 लाख रुपये घूस मांगने का आरोप

Thu, 27 May 2021 02:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 27 May 2021 02:00 AM IST
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sdm mohanlalganj in controvercy of asking bribe
लखनऊ। राजधानी में ऑक्सीजन प्लांट व अन्य उद्योग लगाने के लिए जमीन का भू-उपयोग बदलने को लेकर एसडीएम मोहनलालगंज विकास सिंह पर 25 लाख रुपये की घूस मांगने का आरोप लगा है। निजी कंपनी के प्रतिनिधि ने जिला प्रशासन के ट्विटर हैंडल पर टैग करते हुए इस मामले की शिकायत की है। वहीं शिकायत मिलने के बाद डीएम अभिषेक प्रकाश ने पूरे मामले में कंपनी के प्रतिनिधि से जानकारी मांगी है जिससे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की जा सके।
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प्रतिमा नाम से बने अकाउंट से ट्वीट किया गया है कि हमारी कंपनी 100 करोड़ रुपये लगाकर ऑक्सीजन प्लांट व अन्य उद्योग लगाना चाह रही है। मोहनलालगंज एसडीएम जमीन का लैंडयूज बदलने के लिए 25 लाख रुपये मांग रहे हैं। पैसा न मिलने पर सिंडीकेट बनाकर हमारी फाइल को इधर से उधर दौड़ाया जा रहा है। इस मामले में जिला प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। उनका आरोप है कि डीएम की ईमेल आईडी के अलावा पोस्ट से भी भेजे जा चुके हैं। अब तक 80 आवेदन दिए जा चुके हैं। संभव है कि एडीएम स्तर के अधिकारी भी इसमें शामिल हों और जानकारी डीएम तक न पहुंचने दे रहे हैं। उनका कहना है कि डीएम खुद निरीक्षण कर लें। उद्योग विभाग में भी सारे कागज दिए जा चुके हैं। उनके अधिकारी मौके पर निरीक्षण भी कर चुके हैं। ट्वीट के वायरल होने के बाद एसडीएम के वकील सतेंद्र त्रिपाठी ने प्रतिमा को लीगल नोटिस की कॉपी टैग करते हुए आरोप को निराधार बताया है।
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डीएम ने कहा, ईमेल करिए सारे कागजात
शिकायत ट्विटर पर वायरल होने के बाद डीएम ने खुद रीट्वीट कर प्रतिमा से पूरे मामले में जानकारी ईमेल करने के लिए कहा है। उनका कहना है कि जांच कराकर इस प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी।
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आरोप गलत, करूंगा विधिक कार्रवाई
एसडीएम मोहनलालगंज विकास सिंह का कहना है कि यह मामला एकतरफ ा और फ र्जी है। ऐसी कोई फाइल मेरे न्यायालय में विचाराधीन नहीं है। मार्च में एक पत्रावली मेरी सामने आयी थी, जिसमें दो से तीन दिन के अंदर आदेश करने का मुझपर दबाव बनाया जा रहा था। इसपर मैंने वह पत्रावली उप जिलाधिकारी न्यायिक मोहनलालगंज को स्थानांतरित कर दी थी। मैं इस मामले मे जांच कराने के लिए तैयार हूं। मुझ पर गलत आरोप लगाया गया है। आरोप लगाने वाले के खिलाफ मैं विधिक कार्यवाई करूंगा।
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