{"_id":"69d5759b0cc8dcecae05b176","slug":"school-children-ride-in-a-white-van-even-the-drivers-name-is-missing-lucknow-news-c-13-lko1070-1680341-2026-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: सफेद वैन में स्कूली बच्चों की सवारी, ड्राइवर का नाम तक गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: सफेद वैन में स्कूली बच्चों की सवारी, ड्राइवर का नाम तक गायब
विज्ञापन
मानकविहीन स्कूली वैन।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। राजधानी में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग के दावे कागजी साबित हो रहे हैं। अमर उजाला की मंगलवार को की गई पड़ताल में स्कूली वैन और बसों की स्थिति दयनीय पाई गई। मानकों के अनुसार स्कूली वाहनों का रंग पीला होना और उन पर आपातकालीन नंबर अंकित होना अनिवार्य है, लेकिन इप नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
शहर के विभिन्न इलाकों में हुई पड़ताल में पाया गया कि ज्यादातर वैन पर न तो स्कूल का नाम लिखा था और न ही चालक या प्रधानाचार्य का मोबाइल नंबर। आपातस्थिति में किसी से संपर्क करना नामुमकिन है। कई वाहन तो बिना फिटनेस और जर्जर हालत में बच्चों को ढोते नजर आए।
केस-1 :: वैन पर चालक का नंबर नहीं
मुख्यमंत्री आवास के पास स्थित एक स्कूल के वैन पर ड्राइवर का नाम तक नहीं लिखा था। कई वाहनों से स्कूल का नाम भी गायब मिला। नियमों के विपरीत, किसी भी वाहन पर प्रबंधक या प्रिंसिपल का संपर्क सूत्र मौजूद नहीं था।
विज्ञापन
केस-2 :: पीली की जगह दौड़ रही सफेद वैन
बंगला बाजार स्थित स्कूल में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए सफेद रंग की वैन का इस्तेमाल हो रहा है। वैन पर स्कूल वैन के बजाय ठेका गाड़ी लिखा मिला। साथ ही, क्षमता से अधिक बच्चे अंदर ठुंसे हुए थे।
केस-3 :: निजी वाहन में बच्चों की सवारी
महानगर में गोल चौराहे के पास स्थित स्कूल में बच्चों की सवारी के लिए पूरी तरह निजी सफेद वाहनों का प्रयोग किया जा रहा है। इन गाड़ियों पर कोई भी आपातकालीन नंबर या पहचान चिह्न नहीं दिखा।
Iसभी स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करें। वाहनों का रंग पीला होना और उन पर आवश्यक संपर्क नंबर लिखा होना अनिवार्य है। जो भी वाहन मानकों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।I
I- प्रभात पांडेय, आरटीओ (प्रवर्तन)I
विज्ञापन
शहर के विभिन्न इलाकों में हुई पड़ताल में पाया गया कि ज्यादातर वैन पर न तो स्कूल का नाम लिखा था और न ही चालक या प्रधानाचार्य का मोबाइल नंबर। आपातस्थिति में किसी से संपर्क करना नामुमकिन है। कई वाहन तो बिना फिटनेस और जर्जर हालत में बच्चों को ढोते नजर आए।
विज्ञापन
केस-1 :: वैन पर चालक का नंबर नहीं
मुख्यमंत्री आवास के पास स्थित एक स्कूल के वैन पर ड्राइवर का नाम तक नहीं लिखा था। कई वाहनों से स्कूल का नाम भी गायब मिला। नियमों के विपरीत, किसी भी वाहन पर प्रबंधक या प्रिंसिपल का संपर्क सूत्र मौजूद नहीं था।
विज्ञापन
केस-2 :: पीली की जगह दौड़ रही सफेद वैन
बंगला बाजार स्थित स्कूल में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए सफेद रंग की वैन का इस्तेमाल हो रहा है। वैन पर स्कूल वैन के बजाय ठेका गाड़ी लिखा मिला। साथ ही, क्षमता से अधिक बच्चे अंदर ठुंसे हुए थे।
केस-3 :: निजी वाहन में बच्चों की सवारी
महानगर में गोल चौराहे के पास स्थित स्कूल में बच्चों की सवारी के लिए पूरी तरह निजी सफेद वाहनों का प्रयोग किया जा रहा है। इन गाड़ियों पर कोई भी आपातकालीन नंबर या पहचान चिह्न नहीं दिखा।
Iसभी स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करें। वाहनों का रंग पीला होना और उन पर आवश्यक संपर्क नंबर लिखा होना अनिवार्य है। जो भी वाहन मानकों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।I
I- प्रभात पांडेय, आरटीओ (प्रवर्तन)I

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।

मानकविहीन स्कूली वैन।