ऑनलाइन बस टिकट का पोर्टल हैक कर लाखों का घोटाला, बुकिंग रोकी गई
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के ऑनलाइन टिकट बुकिंग पोर्टल को हैक कर लाखों रुपये का घोटाला सामने आया है। इस खुलासे के बाद निगम ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर रोक लगा दी है। मामले की जांच परिवहन निगम और एचडीएफसी बैंक की संयुक्त टीम कर रही है। इस पूरे प्रकरण में आईटी कंपनी ट्राइमेक्स और परिवहन निगम के अधिकारी भी संदेह के घेरे में हैं। हालांकि अभी तक इस मामले में साइबर एक्सपर्ट की मदद नहीं ली गई है।
यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) एचएस गाबा ने बताया कि बीते मंगलवार को एक व्यक्ति ने एसी बस का ऑनलाइन टिकट बुक कराया था। टिकट तो बन गया पर उसके खाते से किराये की कटौती नहीं हुई। उसने इसकी शिकायत प्रबंध निदेशक से की, जिसके बाद सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (वित्त) केएसएन मूर्ति की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की गई।
गेटवे पेमेंट से करते थे हेराफेरी
जांच कमेटी में शामिल एक अधिकारी की मानें तो एचडीएफसी बैंक का गेटवे पेमेंट पिछले एक साल से हैक किया गया था। बिना रकम पेमेंट किए रोजाना हजारों रुपये के टिकट जारी किए जा रहे थे। जांच के दौरान तीन जुलाई की बुकिंग में 54 केस ऐसे पाए गए, जिनके किराए के 70 हजार रुपये निगम के खाते में ट्रांसफर नहीं हुए। यह टिकट कहां से बुक हुए हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। अब जून में बुक हुए टिकटों का ब्यौरा खंगाला जा रहा है।
पहले ट्रांजक्शन सक्सेजफुल, फिर डिनाई
जांच कर रहे कमेटी के एक अधिकारी ने बताया कि टिकट बुक करते ही बैंक ट्र्रांजक्शन सक्सेजफुल हुआ और टिकट जनरेट हो गया, बाद में बैंक ने ही ट्रांजक्शन को डिनाई (अस्वीकार) कर दिया। यह रकम परिवहन निगम को नहीं मिली है।
मामले पर यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक एचएस गाबा का कहना है कि परिवहन निगम एवं एचडीएफसी की टीम संयुक्त रूप से मुख्यालय में जांच कर रही है। जून में ऑनलाइन बुक टिकट का ब्यौरा निकाला जा रहा है। जरूरत पड़ी तो केस दर्ज कराया जाएगा।