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नीट पीजी की मेरिट लिस्ट में धांधली का आरोप, स्टूडेंट्स ने दायर की याचिका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 12 May 2018 12:48 PM IST
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- फोटो : डेमो
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यूूपी नीट पीजी 2018 की मेरिट लिस्ट में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि काउंसलिंग की सीटें स्टेट मेरिट लिस्ट के बजाय ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट और आरक्षण के आधार पर भरी गई हैं। इसको लेकर अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट सोमवार को इस मामले में सुनवाई करेगा।
याचिकाकर्ता डॉ. जयप्रकाश और डॉ. प्रवीण ने बताया कि एमसीआई के नियम के अनुसार ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट भर जाने के बाद बची हुई सीटें राज्य को सौंप दी जाती हैं। राज्य इन सीटों पर अपने नियम और आरक्षण के हिसाब से दाखिले देता है। ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट के आधार पर दाखिले होने से राज्य के अभ्यर्थियों, विशेषकर सरकारी सेवा वाले डॉक्टरों को नुकसान हो गया है।
राज्य की मेरिट पर दाखिले होने पर अन्य राज्य के अभ्यर्थियों को दाखिला नहीं मिलेगा, साथ ही उत्तर प्रदेश के आरक्षण नियमों का पालन भी नहीं हो सकेगा। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि आठ मई को दो बार मेरिट सूची अपलोड करने के 15 मिनट बाद ही हटा ली गई थी। गड़बड़ी का आलम यह है कि एक ही अभ्यर्थी को ऑल इंडिया मेरिट तथा स्टेट मेरिट लिस्ट दोनों से सीट आवंटित कर दी गई।
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याचिकाकर्ता डॉ. जयप्रकाश और डॉ. प्रवीण ने बताया कि एमसीआई के नियम के अनुसार ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट भर जाने के बाद बची हुई सीटें राज्य को सौंप दी जाती हैं। राज्य इन सीटों पर अपने नियम और आरक्षण के हिसाब से दाखिले देता है। ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट के आधार पर दाखिले होने से राज्य के अभ्यर्थियों, विशेषकर सरकारी सेवा वाले डॉक्टरों को नुकसान हो गया है।
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राज्य की मेरिट पर दाखिले होने पर अन्य राज्य के अभ्यर्थियों को दाखिला नहीं मिलेगा, साथ ही उत्तर प्रदेश के आरक्षण नियमों का पालन भी नहीं हो सकेगा। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि आठ मई को दो बार मेरिट सूची अपलोड करने के 15 मिनट बाद ही हटा ली गई थी। गड़बड़ी का आलम यह है कि एक ही अभ्यर्थी को ऑल इंडिया मेरिट तथा स्टेट मेरिट लिस्ट दोनों से सीट आवंटित कर दी गई।
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