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पढ़िए, 72,825 शिक्षक भर्ती की पूरी कहानी

Wed, 26 Mar 2014 12:07 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 26 Mar 2014 12:07 PM IST
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SC Judgment Decision UP 72825 Primary Teacher's recruitment

प्राइमरी स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में राज्य सरकार जहां से चली थी, फिर वहीं पहुंच गई है।

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सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि राज्य सरकार को शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट के आधार पर ही करनी होगी।

इसके लिए 12 हफ्ते का समय भी मुकर्रर कर दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद दो साल से शिक्षक बनने की राह देखने वालों को अब उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है।

हालांकि, सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार सिर्फ इतना ही कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलने के बाद ही इस संबंध में कुछ स्पष्ट कह सकेंगे।

2011 में निकली भर्ती

SC Judgment Decision UP 72825 Primary Teacher's recruitment

उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू हो चुका है। इसके तहत 14 वर्ष तक के बच्चों की शिक्षा अनिवार्य कर दी गई है।

गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए शिक्षक और छात्र अनुपात में भी बदलाव कर दिया गया है।

प्राइमरी स्कूलों में 30 छात्रों पर एक शिक्षक और उच्च प्राइमरी में 35 पर एक शिक्षक रखने की अनिवार्यता है।

प्रदेश में 2,91,906 शिक्षकों की कमी है। इनमें प्राइमरी स्कूलों में 2,36,398 तथा उच्च प्राइमरी में 55,508 शिक्षकों की कमी है।

शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए सितंबर 2011 में 72,825 शिक्षकों की भर्ती का निर्णय किया गया।

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विधानसभा चुनाव बन गया रोड़ा

SC Judgment Decision UP 72825 Primary Teacher's recruitment

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की शर्तों के मुताबिक टीईटी पास बीएड वालों को 1 जनवरी 2012 तक प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनने का मौका दिया गया।

तत्कालीन माया सरकार ने नवंबर 2011 में टीईटी मेरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती का निर्णय करते हुए 30 नवंबर को विज्ञापन निकाला।

करीब 63 लाख टीईटी पास बीएड वालों ने आवेदन किए। यह प्रक्रिया पूरी हो पाती, इस बीच 24 दिसंबर 2012 को विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई।

इसके चलते भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई और इसी बीच टीईटी में गड़बड़ी के आरोप में तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन गिरफ्तार भी कर लिए गए।

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अखिलेश सरकार ने बदले नियम

SC Judgment Decision UP 72825 Primary Teacher's recruitment

विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में सत्ता बदल गई और अखिलेश सरकार आई।

इस सरकार ने टीईटी मेरिट के स्थान पर शैक्षिक मेरिट से शिक्षकों की भर्ती करने का निर्णय करते हुए एनसीटीई से 31 मार्च 2014 तक प्रकिया पूरी करने का समय भी ले लिया, पर मामला हाईकोर्ट में जाकर फंस गया।

हाईकोर्ट ने 4 फरवरी 2013 को शिक्षक चयन के लिए शुरू हुई काउंसलिंग पर रोक लगा दी और नौ माह बाद फैसला दिया कि शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट पर ही की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी अब इस फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है। इससे साफ हो गया है कि शिक्षकों की भर्ती ढाई साल पहले जिस प्रक्रिया के साथ शुरू हुई थी, उसी के आधार पर पूरी की जाएगी।

विज्ञान और गणित शिक्षकों की भर्ती में भी पेंच

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उच्च प्राइमरी स्कूलों में विज्ञान व गणित के 29,334 शिक्षकों की भर्ती में भी पेंच फंस सकता है।

सरकार ने इन शिक्षकों की भर्ती भी शैक्षिक मेरिट के आधार पर करने का निर्णय किया था। इसके आधार पर विज्ञापन निकालते हुए आवेदन भी लिए गए।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली के 15वें संशोधन को रद्द कर दिया है।

इसलिए बेसिक शिक्षा विभाग को इन शिक्षकों की भर्ती के लिए नियमावली में संशोधन की जरूरत पड़ सकती है।

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