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सावन शिवरात्रि कल: अयोध्या में उमड़े हजारो कांवड़िए, बाइक से पहुंचा 50 हजार का जत्था, यातायात हुआ प्रतिबंधित
Thu, 01 Aug 2024 06:43 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 01 Aug 2024 06:43 PM IST
सार
Sawan Shivratri: सावन शिवरात्रि शुक्रवार को है। यह सावन में विशेष महत्व रखता है। इस मौके पर हजारों कांवड़िए अयोध्या पहुंच गए हैं। 50 हजार का जत्था बाइक से यहां पहुंचा।
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सरयू तट पर उमड़े कांवड़िए।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सावन त्रयोदशी यानी सावन शिवरात्रि पर रामनगरी में कांवड़ियों का रेला उमड़ने की उम्मीद है। इसको लेकर प्रशासन अलर्ट पर है। रामनगरी की सुरक्षा सख्त कर दी गई है। यातायात प्रतिबंध और कड़े कर दिए गए हैं। वहीं सावन शिवरात्रि की पूर्व संध्या में बाइक से 50 हजार से अधिक कांवड़िए अयोध्या पहुंचे। सरयू में डुबकी लगाकर विभिन्न शिवालयों व मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
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सावन शिवरात्रि पर करीब दो लाख कांवड़िया भक्तों के आगमन की संभावना है। इससे पहले बृहस्पतिवार को बाइक से पहुंचे कांवड़िया भक्तों से रामनगरी पटी नजर आई। गोंडा व बस्ती से बाइक से पहुंचे कांवड़िया भक्तों ने सबसे पहले पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई। इसके बाद नागेश्वरनाथ, रामलला, हनुमानगढ़ी व कनक भवन के दरबार में हाजिरी लगाई। भीड़ का सर्वाधिक दबाव नागेश्वरनाथ व सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में रहा। वहीं कांवड़िया भक्तों की बाइक रामकथा पाके सामने खड़ी कराई गई। साकेत पेट्रोल पंप से धर्मपथ के फुटपाथ भी बाइक को खड़ा कराया गया। यहां से कांवड़िया श्रद्धालुओं को पैदल जाने की अनुमति रही। देर शाम आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी राजकरण नय्यर सहित अन्य पुलिस बल ने मेला क्षेत्र का भ्रमण किया।
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72 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग
आचार्य प्रवीण शर्मा बताते हैं कि सावन मास की शिवरात्रि पर 72 साल बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है। गुरु प्रदोष, मृगशिरा, आर्द्रानक्षत्र के शुभ संयोग में सावन शिवरात्रि व्रत आरंभ होगा। भगवान शिव मात्र जलाभिषेक से ही प्रसन्न होते हैं। मनोवांछित फल पाने के लिए भगवान का पंचामृत अभिषेक किया जाता है। बिल्व पत्र चढ़ाया जाता है। धन की प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से अभिषेक, पराक्रम के लिए अनार के रस, भक्ति के लिए केले से पूजन, समृद्धि के लिए चीकू, शांति और संतुष्टि के लिए नारंगी फल से अभिषेक की मान्यता है।
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