अयोध्या मामले में शिवसेना नेता ने किया सरेंडर, जमानत भी मिली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिवसेना से दो बार राज्यसभा सदस्य रह चुके प्रधान मुंबई से दोपहर करीब सवा 12 बजे लखनऊ के इंदिरानगर स्थित आईसीसीएमआरटी संस्थान की चौथी मंजिल पर लगाई जा रही विशेष अदालत में सरेंडर करने पहुंचे।
उनके वकील ने जज के समक्ष जमानत की अर्जी प्रस्तुत की। साथ ही सीबीआई की चार्जशीट में सतीश प्रधान पर लगाए आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि पुलिस केस में आरोपों के आधार पर जो धाराएं लगाई गई हैं, वे गलत हैं।
जज ने जमानत मंजूर करते हुए 20 हजार रुपये का बॉन्ड भरवाया। लगभग सवा दो बजे अदालत से बाहर आए प्रधान ने विवादित ढांचा विध्वंस में हाथ होने या षड्यंत्र रचे जाने से इन्कार किया। प्रधान ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उन पर क्या चार्ज लगाए गए हैं। उन्हें यह भी नहीं पता कौन-सी धाराएं लगाई गई हैं। पूरा केस वे नहीं जानते। अपने वकीलों से बात करके आगे सुनवाई में पूरा सहयोग करते रहेंगे।
राम मंदिर बनने तक चुप नहीं बैठेंगे, भाजपा के रवैये से दुख
78 साल के प्रधान ने कहा कि वे चाहते हैं कि अयोध्या में राम मंदिर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र व यूपी में बीजेपी की सरकार होते हुए भी राम मंदिर बनाने में कोई पहल नहीं होने का उन्हें दुख है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनने तक वे चुप नहीं बैठेंगे।
आडवाणी, कटियार की हाजिरी माफी के लिए अर्जी
सतीश प्रधान के वकील अरुण सिंह ने बताया कि गुरुवार से सीबीआई के विशेष कोर्ट में मामले में आरोप तय किए जाएंगे। यहां दो मामलों में दर्ज एफआईआर पर सभी आरोपियों को कोर्ट में उपस्थित होना होगा।
जो लोग नहीं आ पा रहे हैं, उनकी ओर से हाजिरी माफी के लिए प्रार्थना पत्र दायर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुधवार को भाजपा के प्रमुख नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और विनय कटियार की हाजिरी माफी के लिए अर्जियां दी गईं। इन पर गुरुवार को निर्णय हो सकता है।