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Lucknow News: चंपावत के वारसी में स्वामी ध्यान योगी ने खुद को गोली से उड़ाया
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चंपावत (उत्तराखंड) के वारसी में स्वामी ध्यान योगी उर्फ सौरभ तिवारी (45) ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली। सौरभ के परिजन रहीमाबाद के उतरेहटा गहदों गांव में रहते हैं।
उत्तराखंड पुलिस ने शनिवार रात परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि डिप्रेशन की वजह से सौरभ ने खुदकुशी की। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।
चंपावत पुलिस के मुताबिक, वारसी इलाके में एक गुफा के पास स्वामी ध्यान योगी आश्रम बनवा रहे थे। बीते शुक्रवार को स्वामी योगी ने तमंचे से कनपटी पर गोली दाग ली।
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मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। उसके बाद शव आश्रम संचालक को सौंप दिया गया। चंपावत के एसपी ने बताया कि जांच में खुदकुशी की पुष्टि हुई है।
मौत का मैं खुद जिम्मेदार, रुद्रेश्वर धाम में बने समाधि
पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट पर 28 जनवरी की तारीख पड़ी है। यानी इसी दिन ये नोट लिखा गया। नोट में लिखा है कि वह खुद अपनी मौत के जिम्मेदार हैं। किसी और की वजह से वह ऐसा कदम नहीं उठा रहे हैं। नोट में लिखा कि रुद्रेश्वर धाम स्थित शिव मंदिर परिसर में उनकी समाधि बनाई जाए। यही मेरी अंतिम इच्छा है।
सात दिन से गुफा में थे
आश्रम में रहने वाले बाबा वीरेंद्र गिरि से पुलिस ने मामले में जानकारी ली। उन्होंने पुलिस को बताया कि स्वामी योगी पिछले सात दिन से गुफा में थे। वह भी उनके साथ थे। किसी बात को लेकर काफी तनाव में थे। आशंका है कि उसी वजह से गोली मार ली।
पांच साल पहले छोड़ चले गए थे सौरभ, बन गए थे संन्यासी
सौरभ के परिवार में पिता भगवती प्रसाद तिवारी, मां कल्पना, छोटा भाई मुकुल है। तीन बहने हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। पिता ने बताया कि करीब पांच साल पहले सौरभ घर छोड़कर चले गए थे। उत्तराखंड में जाकर संन्यासी हो गए थे। भाई व अन्य परिजन चंपावत के लिए रवाना हुए।
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उत्तराखंड पुलिस ने शनिवार रात परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि डिप्रेशन की वजह से सौरभ ने खुदकुशी की। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।
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चंपावत पुलिस के मुताबिक, वारसी इलाके में एक गुफा के पास स्वामी ध्यान योगी आश्रम बनवा रहे थे। बीते शुक्रवार को स्वामी योगी ने तमंचे से कनपटी पर गोली दाग ली।
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मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। उसके बाद शव आश्रम संचालक को सौंप दिया गया। चंपावत के एसपी ने बताया कि जांच में खुदकुशी की पुष्टि हुई है।
मौत का मैं खुद जिम्मेदार, रुद्रेश्वर धाम में बने समाधि
पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट पर 28 जनवरी की तारीख पड़ी है। यानी इसी दिन ये नोट लिखा गया। नोट में लिखा है कि वह खुद अपनी मौत के जिम्मेदार हैं। किसी और की वजह से वह ऐसा कदम नहीं उठा रहे हैं। नोट में लिखा कि रुद्रेश्वर धाम स्थित शिव मंदिर परिसर में उनकी समाधि बनाई जाए। यही मेरी अंतिम इच्छा है।
सात दिन से गुफा में थे
आश्रम में रहने वाले बाबा वीरेंद्र गिरि से पुलिस ने मामले में जानकारी ली। उन्होंने पुलिस को बताया कि स्वामी योगी पिछले सात दिन से गुफा में थे। वह भी उनके साथ थे। किसी बात को लेकर काफी तनाव में थे। आशंका है कि उसी वजह से गोली मार ली।
पांच साल पहले छोड़ चले गए थे सौरभ, बन गए थे संन्यासी
सौरभ के परिवार में पिता भगवती प्रसाद तिवारी, मां कल्पना, छोटा भाई मुकुल है। तीन बहने हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। पिता ने बताया कि करीब पांच साल पहले सौरभ घर छोड़कर चले गए थे। उत्तराखंड में जाकर संन्यासी हो गए थे। भाई व अन्य परिजन चंपावत के लिए रवाना हुए।