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विवेक हत्याकांड में आरोपी रहे सिपाही को मिलेगा प्रमोशन, 96 दिन गुजार चुका है जेल में
Mon, 07 Jan 2019 01:03 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 07 Jan 2019 01:03 PM IST
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विवेक तिवारी हत्याकांड
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लखनऊ के गोमतीनगर में एपल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में 96 दिन सलाखों के पीछे रहा संदीप कुमार कुछ दिनों बाद न सिर्फ वर्दी पहन कर ड्यूटी करता नजर आएगा, बल्कि उसके कंधे पर दो स्टार लगने के भी आसार हैं।
हत्या के आरोप से क्लीनचिट के बाद पिता ने बर्खास्तगी के खिलाफ अपील की है और पुलिस महानिरीक्षक उस पर सुनवाई करेंगे। हत्या के आरोप से संदीप को क्लीन चिट मिलने पर उसके पिता सतेंद्र कुमार ने बर्खास्तगी के खिलाफ लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक के समक्ष अपील की है।
बागपत के बड़ौत थाने के न्यू रामनगर निवासी सतेंद्र कुमार ने अपील में कहा कि उनका बेटा संदीप उन्नाव में प्रशिक्षण प्राप्त करके 2 नवंबर 16 को आरक्षी बना था। नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।
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हत्या के आरोप से क्लीनचिट के बाद पिता ने बर्खास्तगी के खिलाफ अपील की है और पुलिस महानिरीक्षक उस पर सुनवाई करेंगे। हत्या के आरोप से संदीप को क्लीन चिट मिलने पर उसके पिता सतेंद्र कुमार ने बर्खास्तगी के खिलाफ लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक के समक्ष अपील की है।
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बागपत के बड़ौत थाने के न्यू रामनगर निवासी सतेंद्र कुमार ने अपील में कहा कि उनका बेटा संदीप उन्नाव में प्रशिक्षण प्राप्त करके 2 नवंबर 16 को आरक्षी बना था। नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।
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जेल भेजे जाने के बाद भी अनुशासन में रहा
उसने पुलिस उपनिरीक्षक की लिखित व शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण की थी और दस्तावेजों के सत्यापन व अन्य कागजी खानापूरी के दौरान 28 सितंबर 18 की रात उसे आरक्षी प्रशांत चौधरी के साथ गश्त ड्यूटी पर भेजा गया।
पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय ने बताया कि संदीप कुमार की बर्खास्तगी के खिलाफ अपील पर विभिन्न बिंदुओं पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही निर्णय करेंगे। हत्याकांड की पड़ताल के दौरान संदीप ने सिर्फ सही बयान दिए, बल्कि बर्खास्तगी व जेल भेजे जाने के बाद भी अनुशासन में रहा।
पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय ने बताया कि संदीप कुमार की बर्खास्तगी के खिलाफ अपील पर विभिन्न बिंदुओं पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही निर्णय करेंगे। हत्याकांड की पड़ताल के दौरान संदीप ने सिर्फ सही बयान दिए, बल्कि बर्खास्तगी व जेल भेजे जाने के बाद भी अनुशासन में रहा।