चार नए दलों के साथ बिहार चुनाव में उतरेगी सपा, जानिए पार्टियों के बारे में
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समाजवाटी पार्टी ने बिहार में तीन अन्य छोटे दलों के साथ मिलकर नया गठबंधन बना लिया। सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने बृहस्पतिवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इसका ऐलान किया।
गठबंधन में सपा, समाजवादी जनता दल, एनसीपी और पीए संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी शामिल रहेंगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगा और बिहार की राजनीति में विकल्प पेश करेगा। उन्होंने लालू प्रसाद यादव के नजदीकी रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुनाथ झा और औरंगाबाद से राजद के एमएलसी मुन्ना सिंह के सपा में शामिल होने की घोषणा भी की।
रामगोपाल ने कहा कि बिहार चुनावों में सपा, सजद, एनसीपी और पीपुल्स पार्टी मिलकर चुनाव लड़ेंगे। शुक्रवार को पटना में सभी दलों की समन्वय समिति की बैठक में पहले चरण में मतदान वाली सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी। दो दिन बाद दूसरे चरण के प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे।
तीसरे, चौथे और पांचवें चरण के उम्मीदवारों का ऐलान एक साथ किया जाएगा। कोशिश है कि बिहार में नया मोर्चा प्रभावी ढंग से चुनाव लड़े और राजनीतिक विकल्प के रूप में सामने आए।
इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव किरनमय नंदा, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र यादव, सपा के प्रदेश महासचिव अरविंद सिंह गोप और प्रदेश सचिव एसआरएस यादव भी मौजूद थे? इससे पहले पार्टी में शामिल नए नेताओं ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की।
लालू ने हमे दगा दियाः रघुनाथ
रामगोपाल ने कहा कि गठबंधन बिहार चुनाव में किसी नेता को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव बाद समर्थन लेने या देने का सवाल अभी काल्पनिक है। इस पर चुनाव बाद ही फैसला लिया जाएगा।
सपा महासचिव ने बिहार में भाजपा को मदद पहुंचाने के आरोप को गलत बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में आरोप लगते रहते हैं। उन्हें पहले से उनके (नीतीश कुमार व लालू प्रसाद यादव) के षड्यंत्र का पता था। उन्होंने दोहराया कि जनता परिवार का विलय करके एक पार्टी नहीं बनी थी। यदि विलय हो गया होता और एक भी घटक दल अलग होता तो सपा के पास न झंडा बचता और न ही सिंबल।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और सजद नेता देवेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि बिहार में तीसरा मोर्चा वक्त का तकाजा है। अभी वहां कीचड़ से कीचड़ साफ की जा रही है। बुराई से कभी बुराई दूर नहीं होती। तीसरा मोर्चा चुनाव में विकास, बिजली, किसान, मजदूरों, नौजवानों और कृषि आधारित उद्योगों के मुद्दे उठाएगा। यह समान विचारधारा के लोगों का गठबंधन है। यह बिहार में नया विकल्प बनेगा और जनता को महागंठबंधन से निजात दिलाएगा। यह कीचड़ साफ करने के लिए पानी का काम करेगा।
लंबे तक तक लालू प्रसाद यादव के नजदीकी रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुनाथ झा ने कहा कि उन्होंने पहले लालू और फिर राबड़ी को मुख्यमंत्री बनाया। मान-सम्मान न मिलने के कारण उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल छोड़ दिया।
वह जनता दल के संस्थापक सदस्य रहे लेकिन लालू प्रसाद ने उनके साथ दगा किया है। उन्होंने कहा, डॉ. लोहिया और जयप्रकाश नारायण के बाद मुलायम सिंह यादव खांटी समाजवादी हैं। उन्होंने सम्मान और इज्जत दी इसलिए सपा में शामिल हुए हैं। भविष्य में सपा बिहार में विकल्प के रूप में उभरेगी।