जातिवार जनगणना के मुद्दे पर विधानमंडल के दोनों सदनों में सपा का हंगामा, कहा- मुकर रही भाजपा
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जातिवार जनगणना कराने की मांग को लेकर बुधवार को समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने विधानमंडल के दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया। सपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जातिवार जनगणना न कराकर गरीबों, शोषितों व पीड़ित पिछड़ा वर्ग के लोगों को जानबूझकर अंधेरे में रखने का प्रयास कर रही है। हंगामे के चलते विधानसभा में 45 मिनट तथा विधान परिषद में 50 मिनट तक कार्यवाही स्थगित रही।
विधानसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने जातिवार जनगणना न कराए जाने पर विरोध दर्ज कराया। चौधरी के बोलते ही सपा के सदस्य ने वेल में आकर हंगामा और नारेबाजी करने लगे। चौधरी ने कहा कि भाजपा समय-समय पर जातिवार जनगणना कराने की बात करती रही है लेकिन 2021 में होने जा रही जनगणना में जातिवार जनगणना नहीं कराई जा रही है। जनगणना के प्रपत्र में ओबीसी और जातिवार जनगणना का कॉलम नहीं है।
पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जातिवार जनगणना की बात कही थी। लेकिन अब भाजपा सरकार मुकर रही है। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना में समाजवादियों की मांग पर जातिवार जनगणना कराई गई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने उसके आंकड़े जारी नहीं किए। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी 2021 की जातिवार जनगणना कराने का वादा दोहराया था। लेकिन जनगणना के कॉलम में इसका उल्लेख न होने से लोगों में असंतोष व्याप्त है, जो उग्र रूप लेता जा रहा है। हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने सुबह 11.05 बजे 35 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी बाद मे स्थगन 10 मिनट और बढ़ा दिया गया।
जनगणना केंद्र का विषय, प्रदेश सरकार कुछ नहीं कर सकती
प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जनगणना केंद्र सरकार का विषय है। विधानसभा में उन्हीं मुद्दों पर चर्चा हो सकती है जो संविधान ने विधानसभा को दिए हैं। जनगणना की पत्रावली न तो प्रदेश सरकार के पास है न ही उसकी जानकारी है। विधानसभा प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर ही प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहरा सकती है।
दीक्षित ने कहा कि किसी भी दल ने उन्हें जातिवार जनगणना कराने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराकर केंद्र को भेजने लिखित प्रस्ताव नहीं दिया है। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि जातिवार जनगणना का मुद्दा प्रदेश की जनता से जुड़ा है। इसलिए विधानसभा में इसका प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजना चाहिए।