{"_id":"5c48a6e7bdec224c80717162","slug":"samajwadi-party-demanded-voting-from-ballot-paper-in-lok-sabha-election","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अखिलेश यादव का ईवीएम गड़बड़ी पर फिर हमला, बोले-'पैसे की ताकत से सत्ता हथियाने की साजिश'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अखिलेश यादव का ईवीएम गड़बड़ी पर फिर हमला, बोले-'पैसे की ताकत से सत्ता हथियाने की साजिश'
Wed, 23 Jan 2019 11:09 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 23 Jan 2019 11:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर संदेह और विवाद पैदा हो जाने से चुनाव की संपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर ही प्रश्न चिह्न लग रहा है। ऐसे में ईवीएम के बजाय बैलट पेपर से चुनाव की मांग उठना स्वाभाविक है। ईवीएम में गड़बड़ी पैसे की ताकत से सत्ता हथियाने की खतरनाक साजिश है।
अखिलेश ने बुधवार को बयान में कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए आजकल टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग खुलकर हो रहा है। ‘टेक्नोलॉजिकली लिटरेट‘ समाज को भी ईवीएम के दुरुपयोग पर अपना विरोध दर्ज कराना चाहिए।
चुनावी प्रक्रिया में मतपत्र का इस्तेमाल राज्य व नागरिक के बीच विश्वास के रिश्ते को पारदर्शी और मजबूत बनाता है। इस रिश्ते के बीच ईवीएम का आना उचित नहीं है। मतपत्र से मतदाता को भरोसा रहता है कि उसने जिसे मत दिया है, वह उसी को मिला है।
विज्ञापन
यह विश्वास ही लोकतंत्र की संजीवनी है। देश और लोकतंत्र के भविष्य के लिए ही यह जरूरी नहीं है, स्वच्छ राजनीति और जनता में चुनावी प्रक्रिया की बहाली के लिए समय की पहली मांग भी है।
विज्ञापन
अखिलेश ने बुधवार को बयान में कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए आजकल टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग खुलकर हो रहा है। ‘टेक्नोलॉजिकली लिटरेट‘ समाज को भी ईवीएम के दुरुपयोग पर अपना विरोध दर्ज कराना चाहिए।
विज्ञापन
चुनावी प्रक्रिया में मतपत्र का इस्तेमाल राज्य व नागरिक के बीच विश्वास के रिश्ते को पारदर्शी और मजबूत बनाता है। इस रिश्ते के बीच ईवीएम का आना उचित नहीं है। मतपत्र से मतदाता को भरोसा रहता है कि उसने जिसे मत दिया है, वह उसी को मिला है।
विज्ञापन
यह विश्वास ही लोकतंत्र की संजीवनी है। देश और लोकतंत्र के भविष्य के लिए ही यह जरूरी नहीं है, स्वच्छ राजनीति और जनता में चुनावी प्रक्रिया की बहाली के लिए समय की पहली मांग भी है।
सपा अध्यक्ष ने कहा, पिछले चुनावों और उपचुनावों में हजारों ईवीएम में खराबी की शिकायतें मिली थी। लंबी-लंबी कतारों में महिलाएं, नौजवान, किसान भरी धूप में अपनी बारी के इंतजार में भूखे प्यासे खड़े रहे।
ये तकनीकी खराबी है, चुनाव प्रबंधन की विफलता या फिर जनता को मताधिकार से वंचित करने की साजिश। इस तरह से तो लोकतंत्र की बुनियाद ही हिल जाएगी। उन्होंने कहा, लंदन में एक साइबर विशेषज्ञ ने जो दावा किया है वह चौकाने वाला है।
उसके अनुसार 2014 में लोकसभा चुनाव के अलावा उत्तर प्रदेश, गुजरात, सहित कई राज्यों में हुए चुनावों में ईवीएम के जरिए जबर्दस्त धांधली की गई। निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की दृष्टि से इसकी जांच पड़ताल निष्पक्ष एवं स्वतंत्र ढंग से किए जाने की जरूरत है।
यह बेहद गंभीर मुद्दा भी है। यह पैसे की ताकत से सत्ता को हथियाने की खतरनाक साजिश है। इस पर भाजपा सरकार का अड़ियल रवैया अनुचित है। सपा ने चुनाव आयोग से लोकसभा चुनाव बैलट पेपर से ही कराए जाने की मांग चुनाव आयोग से की है।
ये तकनीकी खराबी है, चुनाव प्रबंधन की विफलता या फिर जनता को मताधिकार से वंचित करने की साजिश। इस तरह से तो लोकतंत्र की बुनियाद ही हिल जाएगी। उन्होंने कहा, लंदन में एक साइबर विशेषज्ञ ने जो दावा किया है वह चौकाने वाला है।
उसके अनुसार 2014 में लोकसभा चुनाव के अलावा उत्तर प्रदेश, गुजरात, सहित कई राज्यों में हुए चुनावों में ईवीएम के जरिए जबर्दस्त धांधली की गई। निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की दृष्टि से इसकी जांच पड़ताल निष्पक्ष एवं स्वतंत्र ढंग से किए जाने की जरूरत है।
यह बेहद गंभीर मुद्दा भी है। यह पैसे की ताकत से सत्ता को हथियाने की खतरनाक साजिश है। इस पर भाजपा सरकार का अड़ियल रवैया अनुचित है। सपा ने चुनाव आयोग से लोकसभा चुनाव बैलट पेपर से ही कराए जाने की मांग चुनाव आयोग से की है।