{"_id":"66cfddd664d2b6183c29221f9a3dc2ec","slug":"salt-is-harmful-for-health","type":"story","status":"publish","title_hn":"नमक बना रहा जिंदगी को बेस्वाद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नमक बना रहा जिंदगी को बेस्वाद
अतुल भारद्वाज/लखनऊ
Updated Sun, 17 Nov 2013 09:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भोजन में नमक नहीं तो स्वाद नहीं लेकिन नमक की अधिकता जिंदगी को बेस्वाद बना रही है। तमाम बीमारियों की वजह शरीर में बढ़ रहा सोडियम माना जा रहा है।
विज्ञापन
भारतीय परिवेश में तो यह समस्या और भी गंभीर है। यहां इस्तेमाल हो रहा नमक विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से भी कई गुना ज्यादा है।
बीएचयू के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की एक स्टडी के मुताबिक,आम भारतीय के खानपान में 24 घंटे के अंदर बड़ी मात्रा में नमक शामिल होता है।
यह स्टडी करने वाले डॉ.रतन कुमार श्रीवास्तव ने अपना पेपर प्रजेंट करते हुए बताया कि नमक का अधिक इस्तेमाल एक बड़ी समस्या बन गया है।
इसकी वजह से हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट संबंधी समस्याओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। स्टडी में सामने आया है कि भोजन में नमक की अधिकता के कारण भारत में हर मिनट तीन लोगों को स्ट्रोक की शिकायत होती है।
विज्ञापन
बनारस में 30-59 साल के लोगों के बीच कराई गई नमक की खपत स्टडी रिपोर्ट बताती है कि प्रतिदिन 12 ग्राम नमक खाने में प्रयोग किया जा रहा है।
यह आंकड़े 24 घंटे के बीच अलग-अलग समय पर लिए गए यूरिन के नमूनों की जांच में सामने आए, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन 2025 तक इसकी खपत 0.2 मिग्रा तक करने के दिशा-निर्देश दे चुका है।
विज्ञापन
12 ग्राम प्रतिदिन नमक की खपत करने वाले आम भारतीय के जीवन में 0.2 मिग्रा नमक की खपत करना नीति-निर्माताओं के लिए भी समस्या बन गया है।
तमिलनाडु के राजा मुथैया मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी प्रो. एन. चिदंबरम ने नमक के प्रयोग पर कहा कि भारतीय परिवेश में प्रतिदिन छह ग्राम नमक काफी है। हालांकि,यह औसत 16 ग्राम पर बना हुआ है। यह हाई ब्लड प्रेशर के लिए बिल्कुल ठीक नहीं कहा जा सकता है।
मरकरी का इस्तेमाल खतरनाक
बीपी और दूसरी जांच के लिए मरकरी के उपकरणों में इस्तेमाल पर ही सवाल उठने लगे हैं। रविवार को बीपीकॉन में केजीएमयू के एसपीएम विभाग की स्टडी में यह मुद्दा उठा।
स्टडी रिपोर्ट में उपकरणों से मरकरी को बाहर करने के लिए सुझाव दिया गया। स्टडी में पाया गया कि देश के कई अस्पतालों ने खुद को मरीजों के हित में मरकरी फ्री किया है।
सेहत के लिए करें मॉर्निंग वॉक
सेमिनार में बीपी चेक करने के साथ ही मरीजों को परामर्श भी दिया गया। इसके साथ ही सुबह नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट केगार्डन में वॉक फॉर हेल्थ का आयोजन किया गया।
इसमें लोगों को मॉर्निंग वॉक के फायदे बताए गए। वहीं,सेमिनार में पब्लिक अवेयरनेस प्रोग्राम का उद्घाटन मेयर डॉ.दिनेश शर्मा ने किया। इस बीच डॉ.एनएस वर्मा और प्रो. आरके दीक्षित मौजूद रहे।