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कर्मचारियों के भुगतान में नहीं चलेगी देरी
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 29 Jul 2013 11:47 AM IST
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत लगे कर्मियों के भुगतान में अब देरी नहीं
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चलेगी। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने जिलेवार इन
कर्मियों के भुगतान का पैसा भेज दिया है।
परियोजना निदेशक अमृता सोनी ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन कर्मचारियों का समय से भुगतान कराया जाए और इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत बेसिक शिक्षा के कामों को करने के लिए कार्यदायी संस्था के माध्यम से कर्मचारियों को रखा गया है। इसमें प्रदेश में डाटा इंट्री ऑपरेटर 880, सहायक लेखाकार 880, इंटिनरेट टीचर (विशेष शिक्षक) 1787 और फीजियोथेरेपिस्ट 63 हैं।
जिलेवार इन कर्मियों को कार्यदायी संस्था के माध्यम से रखा गया है। डाटा इंट्री ऑपरेटर और सहायक लेखाकार ब्लॉकों के सारे काम निपटाते हैं। इनके सहारे ब्लॉक संसाधन केंद्रों की कार्यप्रणाली चल रही है।
इसके बाद भी बेसिक शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही से इन्हें समय से वेतन नहीं मिल पाता है। स्थिति यह है कि कई-कई महीनों तक इनका भुगतान रुका रहता है।
सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए डाटा इंट्री ऑपरेटरों के मानदेय के लिए 15.31 करोड़, सहायक लेखाकार के लिए 15.84 करोड़, इंटिनरेट टीचर के लिए 19.65 करोड़ और फीजियोथेरेपिस्ट के लिए 62.37 लाख रुपये जारी कर दिए हैं।
इसके बाद भी समय से मानदेय न मिलने की शिकायत पर संबंधित बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
परियोजना निदेशक अमृता सोनी ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन कर्मचारियों का समय से भुगतान कराया जाए और इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत बेसिक शिक्षा के कामों को करने के लिए कार्यदायी संस्था के माध्यम से कर्मचारियों को रखा गया है। इसमें प्रदेश में डाटा इंट्री ऑपरेटर 880, सहायक लेखाकार 880, इंटिनरेट टीचर (विशेष शिक्षक) 1787 और फीजियोथेरेपिस्ट 63 हैं।
जिलेवार इन कर्मियों को कार्यदायी संस्था के माध्यम से रखा गया है। डाटा इंट्री ऑपरेटर और सहायक लेखाकार ब्लॉकों के सारे काम निपटाते हैं। इनके सहारे ब्लॉक संसाधन केंद्रों की कार्यप्रणाली चल रही है।
इसके बाद भी बेसिक शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही से इन्हें समय से वेतन नहीं मिल पाता है। स्थिति यह है कि कई-कई महीनों तक इनका भुगतान रुका रहता है।
सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए डाटा इंट्री ऑपरेटरों के मानदेय के लिए 15.31 करोड़, सहायक लेखाकार के लिए 15.84 करोड़, इंटिनरेट टीचर के लिए 19.65 करोड़ और फीजियोथेरेपिस्ट के लिए 62.37 लाख रुपये जारी कर दिए हैं।
इसके बाद भी समय से मानदेय न मिलने की शिकायत पर संबंधित बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।