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'देश के साथ-साथ शिक्षा का भी होगा भगवाकरण, भले ही लोग इसे संघवाद कहें'

Sun, 19 Jun 2016 10:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 19 Jun 2016 10:29 PM IST
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 saffronisation will happen says Ram shankar katheriya.
राज्यमंत्री डॉ. रामशंकर कठेरिया - फोटो : amar ujala

केंद्रीय कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी के शिक्षा का भगवाकरण करने वालों पर हमला बोलने के अगले दिन मानव संसाधन विकास मंत्रालय में ही राज्यमंत्री डॉ. रामशंकर कठेरिया ने भी शिक्षा के भगवाकरण का आरोप लगाने वालों को खूब खरी-खोटी सुनाई।

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उन्होंने कहा, लोग मुझसे शिक्षा के भगवाकरण पर सवाल पूछते हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि शिक्षा का भगवाकरण होगा और देश का भी भगवाकरण होगा। देश के लिए जो उचित होगा, वह होगा। भले ही लोग उसे संघवाद कहें।’
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उन्होंने सवाल किया कि देश की भावी पीढ़ी शिवाजी व महाराणा प्रताप को नहीं पढ़ेगी तो क्या चंगेज खां को पढ़ेगी। कठेरिया शनिवार को यहां लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में कर्मचारी सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा परिषद की ओर से आयोजित हिंदवी स्वराज समारोह में बोल रहे थे।
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डॉ. कठेरिया ने कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए महापुरुषों के सम्मान में अगर कोई काम होता है तो इसमें भगवाकरण देखने की कुछ लोगों की आदत-सी पड़ गई है।

ऐसे लोगों को वह साफ-साफ बताना चाहते हैं कि यह काम भगवाकरण नहीं, देश की संस्कृति की आत्मा है। भारतीय संस्कृति हिंदू व मुसलमान में भेद नहीं करती। हिंदवी स्वराज के नायक शिवाजी के राज्य में भी कई मुसलमान महत्वपूर्ण पदों पर थे।

'महापुरुष पूरे देश के हैं, संघ या भाजपा के नहीं'

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महापुरुष पूरे देश के हैं, पर दूसरे लोग कई महापुरुषों को संघ व भाजपा से जोड़ देते हैं। लोगों को सोच बदलनी चाहिए। हिंदुस्तान का दुर्भाग्य है कि जिन इतिहासकारों ने इन महापुरुषों के बारे में लिखा, उन्होंने अपनी तरह से लिखा। इससे भ्रम की स्थिति बनी।

उदाहरण के लिए कुछ लोग डॉ. अंबेडकर के बारे में कहते हैं कि वे सिर्फ दलितों के या एक पार्टी के हैं। वहीं, भाजपा उन्हें दुनिया भर का महापुरुष मानती है। यही झगड़ा है।

...तो क्या स्वाभिमान दिलाने वाला पाठ्यक्रम न बनाएं
डॉ. कठेरिया ने कहा, केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा में बदलाव को भगवाकरण बताने वालों से मैं पूछना चाहता हूं कि क्या देश को स्वाभिमान दिलाने वाला पाठ्यक्रम न बनाएं।

शिवाजी, महाराणा प्रताप, विवेकानंद, महात्मा गांधी, डॉ. अंबेडकर जैसे महापुरुषों को नई पीढ़ी के लिए आदर्श न बनाएं। हमारी कोशिश है कि हिंदुस्तान के सभी महापुरुषों को ध्यान में रखकर ऐसे काम किए जाएं, जिनसे भारत पुराना वैभव प्राप्त कर फिर दुनिया का मार्गदर्शन करे।

'शिक्षा नीति पर विद्वानों व शिक्षाविदों ने दी राय'

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कार्यक्रम में राज्यपाल राम नाईक के सा‌थ कठेरिया - फोटो : amar ujala

पत्रकारों के सवालों पर कठेरिया ने कहा कि नई शिक्षा नीति सभी विद्वानों और शिक्षाविदों से राय लेकर तैयार की गई है। मसौदा सरकार को मिल गया है। इस पर कुछ और विशेषज्ञों से राय ली जा रही है। जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।

यूपी सरकार की भूमिका पर बोले, नई शिक्षा नीति पर सुझाव देने में यूपी सरकार काफी पिछड़ी है। शिक्षा में तो जीरो है। आम आदमी पार्टी की ओर से रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सद्बुद्धि रैली के सवाल पर कहा, ‘उनकी (आम आदमी पार्टी) बुद्धि ठीक नहीं है।’

लखनऊ विवि हर साल मनाएगा हिंदवी स्वराज दिवस
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने हर साल विश्वविद्यालय की तरफ से छत्रपति शिवाजी महराज के साम्राज्योत्सव के दिन को हिंदवी स्वराज दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की।

उन्होंने विवि के लॉन टेनिस कोर्ट का नाम शिवाजी के नाम पर करने और उनकी प्रतिमा लगवाने की भी घोषणा की। कार्यक्रम को राज्यपाल राम नाईक, मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरि और कार्यक्रम के संयोजक संजय शुक्ल ने भी संबोधित किया।

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