देश की पूंजी का चंद घरानों की बंधक बनना दुखद: अखिलेश
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सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि देश की पूंजी का चंद घरानों की बंधक बनना दुखद है। संविधान के मूल उद्देश्यों के विपरीत देश में गरीब-अमीर के बीच की खाई बढ़ती जा रही है। अन्नदाता बदहाल है, नौजवान के सामने भविष्य का अंधेरा है। आम लोग मंहगाई, भ्रष्टाचार व अपराध बढ़ने से व्याकुल है। महिलाओं, बेटियों की इज्जत खतरे में है।
अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को संविधान दिवस पर कहा कि 26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत किए गए संविधान की उद्देशिका में सामाजिक आर्थिक व राजनीतिक न्याय, विचार अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म व उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा व अवसर की समता प्राप्त कराने और व्यक्ति की गरिमा व राष्ट्रीय अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने का दृढ़संकल्प भी घोषित किया गया था। डॉ. अंबेडकर ने तब चेतावनी दी थी कि संविधान के प्रयोग में नीति व नीयत की भी अहम भूमिका होगी। ऐसे में जरूरी है कि सत्ता के शीर्ष में बैठे लोगों की लोकतंत्र में अटूट निष्ठा होनी चाहिए। लोकतंत्र लोकलाज से चलता है, यह बात भुलाई नहीं जा सकती। कहा कि संविधान में जिस सामाजिक न्याय, व विचार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का जिक्र है, उसकी भाजपा राज में अनदेखी हो रही है।
सपा अध्यक्ष ने कहा, सपा जाति आधारित जनगणना की मांग उठाती रही है ताकि हर समाज को संख्या बल पर समानुपातिक प्रतिनिधित्व मिल सके। भाजपा इसके विरोध में है। वह आरक्षण समाप्त करना चाहती है। डॉ. लोहिया ने पिछड़ी जातियों के उत्थान के लिए विशेष अवसर का सिद्धांत दिया था। भाजपा उसे लागू करना नहीं चाहती है। उन्होंने कहा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सबसे ज्यादा आघात भाजपा राज में हुआ है। असहमति को देशद्रोह का तमगा दिया जाने लगा है। उपासना व धार्मिक विश्वासों पर चोट की जा रही है। भाजपा पर निशाना साधा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता की फ्रेंचाइजी विशेष दल ने स्वयं ही ले ली है। देश में आरएसएस की विघटनकारी विचारधारा का प्रचार किया जा रहा है।
किसानों पर सरकारी आतंक का वीभत्स रूप: अखिलेश
सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संविधान दिवस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए दिल्ली जा रहे किसानों पर बर्बरता की की कड़ी निंदा की है। उन्हें इसे सरकारी आतंक बताया है। अखिलेश यादव ने रात में ट्वीट किया, आज संविधान दिवस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के सांवधानिक अधिकार पर घोर निंदनीय हमला हुआ है। आज का दिन बाहरियों द्वारा मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए व मारे गए लोगों को याद करने का भी है।
भाजपा सरकार द्वारा किसानों पर हमला सरकारी आतंक का अति वीभत्स रूप है। इससे पहले एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, सरकार की विनाशकारी कृषि नीति के विरुद्ध अपना विरोध प्रकट करने के लिए जा रहे अन्नदाता किसानों के खिलाफ भाजपा सरकार आंसू गैस व वाटर कैनन जैसे हिंसक मनोवृत्ति के साधनों से प्रहार कर रही है। घोर निंदनीय। अमीरों की पक्षधर भाजपा गरीब हलधर का दर्द क्या जाने।