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कंटेनमेंट जोन के बदले नियम: एक केस होने पर 25 मीटर, अधिक केस होने पर 50 मीटर रेडियस होगा प्रतिबंधित क्षेत्र
Sun, 04 Apr 2021 10:56 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Sun, 04 Apr 2021 10:56 PM IST
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कोरोना संक्रमित क्षेत्र
- फोटो : iStock
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कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए कंटेनमेंट जोन के नियम में बदलाव किया गया है। एक केस होने पर 25 मीटर और अधिक केस होने पर 50 मीटर रेडियस के क्षेत्र को प्रतिबंधित किया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी कंटेनमेंट जोन में निगरानी की गतिविधियां के नोडल अधिकारी होंगे। मुख्य सचिव आरके तिवारी ने इसके दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
मुख्य सचिव के अनुसार संक्रमण बढ़ते प्रकोप को देखते हुए निगरानी की गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है। कंटेनमेंट जोन में प्रदेश की वर्तमान जनसंख्या घनत्व के अनुसार 25 मीटर रेडियस क्षेत्र में लगभग 20 घर होंगे। और 50 मीटर के रेडियस में 60 घर आएंगे। कोविड-19 का एक मरीज मिलने पर दो कंटेनमेंट जोन में एक टीम लगाई जाएगी। एक क्षेत्र में एक से अधिक मरीज होने पर क्लस्टर माना जाएगा। क्लस्टर केबीच के बिंदु को एपीसेंटर मानते हुए 50 मीटर के रेडियस में क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा।
ऐसे प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में स्थित घरों की निगरानी के लिए एक टीम लगाई जाएगी। हर टीम में कुल तीन लोग, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय निकाय शहरी क्षेत्र, ग्राम विकास पंचायती राज ग्रामीण क्षेत्र और स्थानीय प्रशासन से एक सदस्य होगा। कंटेनमेंट जोन का निर्धारण और गतिविधियों के लिए पल्स पोलियो अभियान की तरह ही कार्य किया जाएगा।
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मुख्य सचिव के अनुसार संक्रमण बढ़ते प्रकोप को देखते हुए निगरानी की गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है। कंटेनमेंट जोन में प्रदेश की वर्तमान जनसंख्या घनत्व के अनुसार 25 मीटर रेडियस क्षेत्र में लगभग 20 घर होंगे। और 50 मीटर के रेडियस में 60 घर आएंगे। कोविड-19 का एक मरीज मिलने पर दो कंटेनमेंट जोन में एक टीम लगाई जाएगी। एक क्षेत्र में एक से अधिक मरीज होने पर क्लस्टर माना जाएगा। क्लस्टर केबीच के बिंदु को एपीसेंटर मानते हुए 50 मीटर के रेडियस में क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा।
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ऐसे प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में स्थित घरों की निगरानी के लिए एक टीम लगाई जाएगी। हर टीम में कुल तीन लोग, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय निकाय शहरी क्षेत्र, ग्राम विकास पंचायती राज ग्रामीण क्षेत्र और स्थानीय प्रशासन से एक सदस्य होगा। कंटेनमेंट जोन का निर्धारण और गतिविधियों के लिए पल्स पोलियो अभियान की तरह ही कार्य किया जाएगा।
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