मायावती से डरे मेट्रो अफसर, नहीं ले रहे जमीन
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एलएमआरसी के अफसर वृंदावन योजना में रमाबाई रैली मैदान की पार्किंग की जमीन पर ‘सिस्टम स्टोरेज’ बनाने से डर हैं। इसका खुलासा मंगलवार को खुद आवास आयुक्त रुद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को बोर्ड बैठक के बारे में जानकारी देते हुए किया।
एलएमआरसी ने मेट्रो कार्य के लिए किराये पर आवास विकास परिषद से जमीन मांगी थी। परिषद ने एक महीने पहले वृंदावन कॉलोनी के सेक्टर-9 में बसपा सरकार में रमाबाई रैली मैदान में आने वाले वाहनों को खड़ा करने के लिए बनाई गई पी-4 पार्किंग को चार साल के लिए किराये पर आवंटित कर दिया।
इसका प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा गया और मंजूर भी हो गया। बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव के बारे में जानकारी देते समय आवास आयुक्त रुद्र प्रताप सिंह ने कहा कि करीब एक सप्ताह पहले एलएमआरसी के कुछ अधिकारी उनसे मिलने आए थे।
उनका कहना था कि जो जमीन उनको दी जा रही है, उसकी जगह कोई दूसरी जमीन दे दी जाए तो ठीक होगा। उनका तर्क था कि जो जमीन दी गई है, वह बसपा सरकार में रमाबाई रैली मैदान की पार्किँग के रूप में विकसित की गई थी।
मेट्रो के सिविल वर्क के बाद अब टेक्निकल काम शुरू
इससे कहीं बसपा प्रमुख नाराज न हो जाएं और सत्ता में आने पर उनको गुस्से का शिकार न होना पड़ जाए। इस बारे में जब एलएमआरसी के जनसंपर्क अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।
मेट्रो के सिविल वर्क के बाद अब टेक्निकल काम शुरू होना है। ट्रैक्सन, सिग्नलिंग, ओवर हेड वायरिंग, ट्रैक व टेलीकॉम से जुड़े जो भी काम होने हैं, उनके लिए जरूरी पार्ट्स की असेंबंलिंग यहीं की जाएगी, इसलिए जमीन की आवश्यकता है।
इसके लिए एक बड़े एरिया की आवश्यकता होगी। एलएमआरसी के प्लान के तहत यहां पर कंपनियां अपना सामान स्टोर करेंगी ओर अस्थाई ऑफिस भी बनाएंगी। वहीं पर उनके कर्मचारी भी रुकेंगे।
ये हैं शर्ते
-एलएमआरसी जमीन के स्वरूप में कोई बदलाव नहीं करेगी।
-स्थल पर लगे सभी उपकरण और उपलब्ध सुविधाओं की सुरक्षा व रखरखाव एलएमआरसी करेगी।
- बिजली कनेक्शन का उपयोग एलएमआरसी नाम परिवर्तन के बाद कर सकेगी।
- आवश्यकता के अनुसार विद्युत भार बढ़ावा सकेगी और इस पर आने वाला खर्च भी वही भरेगी।